शामली सीएचसी में मरीजो की लगी लाइन
शामली। जिला संयुक्त चिकित्सालय में एलाइजा जांच शुरू होते ही डेंगू के केस बढ़ने शुरू हो गए हैं। एलाइजा रीडर मशीन में तकनीकी खराबी होने के कारण दो दिन तक सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही थी। अब एलाइजा जांच शुरू हुई तो 20 सैंपलों में चार मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। अब जिले में डेंगू के केस की संख्या बढ़कर आठ हो गई है। उधर, सरकारी व निजी अस्पतालों में बुखार के मरीजों की भीड़ है।
पूर्वी यमुना नहर स्थित जिला अस्पताल में इसी महीने में एलाइजा जांच शुरू हुई है। हालांकि एलाइजर रीडर पिछले साल से जिला अस्पताल में रखा था। पिछले साल जिले में एलाइजा जांच नहीं होने से मरीजों के सैंपल सहारनपुर मेडिकल कॉलेज भेजे जाते थे। इस बार सहारनपुर मेडिकल कॉलेज ने शामली के सैंपल लेने में से मना कर दिया था। इस वजह से डेंगू के मरीजों की एलाइजा जांच नहीं हो पा रही थी जबकि एनएस कार्ड से जांच सरकारी व निजी अस्पतालों में डेंगू के मरीज बड़ी संख्या में आ रहे थे, लेकिन स्वास्थ्य विभाग एलाइजा जांच होने पर ही डेंगू को पुष्ट मानता है।
करीब एक सप्ताह पहले जिला अस्पताल में एलाइजा जांच शुरू की गई थी, लेकिन दो दिन से एलाइजा रीडर में तकनीकी कमी आने से सैंपलों की जांच नहीं हो पा रही थी। एलाइजा मशीन ठीक होने पर सैंपलों की जांच शुरू हुई। बुधवार को 20 सैंपलों की जांच में चार और मरीजों में डेंगू की पुष्टि हुई है। इन मरीजों में शामली, जलालपुर, सिंभालका और एक अन्य स्थान का निवासी है। जिला मलेरिया अधिकारी डॉ. विनय कुमार ने बताया कि डेंगू के चार नए केस मिले हैं। उनके घर पर जाकर मरीज के बारे में जानकारी की जाएगी और एंटी लार्वा कीटनाशक का छिड़काव कराने के साथ ही लोगों को बुखार से बचाव के प्रति जागरूक किया जाएगा।