शाामली/ऊन/कांधला। जिले के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर सुबह से ही मरीजों की भीड़ लगनी शुरू हो जाती है। मरीजों की भीड़ होने के कारण इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है। मंगलवार को जिले की सीएचसी में मरीजों की भीड़ लगी मिली। ज्यादातर मरीज बुखार, नजला, खांसी के आए थे।
सीएचसी शामली में सुबह दस बजे सीएचसी के चिकित्साधीक्षक डॉ. रामनिवास मरीजों की जांच करते हुए मिले। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. उपकार मलिक, डॉ. बिजेंद्र सिंह, डॉ. दीपक, दंत चिकित्सक अनुज मलिक भी मौजूद मिले। महिला चिकित्सक मंजीत कौर नसबंदी कैंप में गईं हुईं थी और डॉ. अनुपम सक्सेना अवकाश पर थे। सीएचसी में आए मरीजों में ज्यादातर बुखार, नजला, खांसी के थे।
चिकित्सक देर से आते हैं
ऊन सीएचसी की ओपीडी में मरीजों की भीड़ लगी रही। यहां 115 मरीजों की जांच कर दवाई दी गई, इनमें अधिकतर मरीज वायरल से पीड़ित मिले। कुछ मरीजों में टायफाइड के लक्षण भी मिले हैं। मरीजों का कहना था कि चिकित्सक देर से आते हैं, जिस कारण इलाज के लिए इंतजार करना पड़ता है। चिकित्सा प्रभारी डॉ. तरुण ने बताया कि मौसम बदलने के कारण बुखार और जुकाम के रोगियों में इजाफा हुआ है। इस समय लोगों को अपनी दिनचर्या का ख्याल रखना चाहिए। पानी गुनगुना पीएं, साथ ही बासी भोजन करने से परहेज करें। मच्छरदानी का प्रयोग जरूर करें व ऐसे कपड़े पहनें जिससे पूरा बदन ढका जा सके। आसपास साफ सफाई रखें व पानी का जमाव न होने दें।
बाहर से इंजेक्शन लाने के लिए कहा तो बखेड़ा
कांधला सीएचसी पर सुबह 10 बजे चिकित्सक अपने कक्ष में मिले। वहां पर गांव भनेड़ा निवासी ओमपाल एंटी रैबीज के इंजेक्शन लगवाने के लिए कतार में खड़े थे। चिकित्सक ने मरीज को बाहर से सिरिंज लाने को कहा तो वहां बखेड़ा खड़ा हो गया। कक्ष में मौजूद फार्मासिस्ट की ट्रेनिंग करने वाले आशू ने उनके साथ अभद्रता कर दी। लोगों ने बीच-बचाव किया।
दुर्गापुर निवासी सत्येंद्र ने बताया कि वह बुखार से पीड़ित है। उसे दवा अस्पताल से मिली है और एक दवाई बाहर से लेने को बोला गया है। दांत दिखाने आए शाहरुख निवासी नई बस्ती ने पहुंचकर जांच कराई और सीएचसी से उनको दवा दी गई। चिकित्सा प्रभारी रामवीर सिंह ने बताया कि इस मौसम में अधिकतर मरीज बुखार व सर्दी जुकाम के आए है। सभी मरीजों की जांच के बाद दवा वितरित की गई।