शामली। नगरपालिका शामली की उदासीनता से शहर में करीब आठ माह पहले स्वीकृत हुए चार करोड़ रुपये से ज्यादा के 43 विकास कार्य रुके हुए हैं। इनमें कई विकास कार्यों के ठेकेदारों को कार्य आदेश भी जारी हो चुके हैं। इन विकास कार्यों में शहर के विभिन्न वार्डों में सीसी की सड़कें, नालियां और प्राथमिक विद्यालयों में शौचालयों का जीर्णोद्धार किया जाना था, लेकिन ये कार्य शुरू नहीं हो पाए हैं।
नगरपालिका परिषद शामली में प्रशासक के कार्यकाल में मार्च माह में राज्य वित्त आयोग के मद से होने वाले चार करोड़ आठ लाख 76 हजार रुपये की लागत से 43 विकास कार्य स्वीकृत हुए थे। इन कार्यों के लिए ई-टेंडर भी निकाले गए थे। इनमें वार्ड दो, चार, पांच, सात, नौ, 11, 13, 14, 17, 20 और 23 में नाली, सीसी रोड का निर्माण के साथ विभिन्न वार्डों में डस्टबिन फिक्सिंग का कार्य और शहरी क्षेत्र के परिषदीय नौ विद्यालयों में शौचालयों का जीर्णोद्धार प्रस्तावित है। कई कार्यों का ठेकेदारों को कार्य आदेश भी जारी कर दिया गया था, लेकिन बाद में नगरपालिका के नए बोर्ड का गठन होने के बाद इन कार्यों पर रोक लगा दी गई। इसके बाद से ये कार्य अभी तक शुरू नहीं हुए हैं, जिससे शहर के विकास कार्याें पर ब्रेक लगा हुआ है।
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सभासदों ने डीएम से की विकास कार्य कराने की मांग
शामली। नगरपालिका के वार्ड 23 के सभासद निशिकांत संगल, वर्ड 16 के अनिल उपाध्याय ओर रेलपार निवासी शैलेंद्र निर्वाल ने बताया कि उन्होंने दस दिन पहले डीएम रविंद्र सिंह को शिकायती पत्र सौंपकर अवगत करा चुके हैं कि पालिका के निर्माण विभाग में कई माह पहले 25 से 30 प्रतिशत कम बिलों पर कार्य निकाले गए थे, जो वर्तमान पालिकाध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी ने निरस्त कर आगे चार से पांच प्रतिशत कम बिलो पर दोबारा टेंडर निकालकर राजस्व की हानि पहुंचाई जा रही है। सभासदों का कहना है कि ठेकेदाराें को भी सीमित कर चार से पांच ही रखे गए हैं जबकि पिछले कार्यकाल में 16 से17 ठेकेदार थे। ज्यादा ठेकेदार होने से पालिका को राजस्व का लाभ हो रहा था। उन्होंने डीएम से ठेकेदारों की संख्या बढ़वाने ओर जो पुराने कार्य 25 से 30 प्रतिशत कम बिलों के थे, उन्हें कराए जाने की संस्तुति किए जाने की मांग की। सभासद अनिल उपाध्याय ने बताया कि करीब आठ माह पहले उनके वार्ड में पांच स्थानों पर सीडी रोड व नाली निर्माण के कार्य स्वीकृत हुए थे। इन कार्यों के ई टेंडरिंग के बाद संबंधित फर्मों को 28 प्रतिशत बिलों पर वर्क ऑर्डर भी जारी किया गया था, लेकिन अभी तक निर्माण कार्य शुरू नहीं हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पालिका ने इन कार्यों को अपने निजी स्वार्थों के चलते निरस्त किया गया है।
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कोट
प्रशासक के समय में करीब आठ माह पहले लगभग चार करोड़ रुपये के 43 कार्य स्वीकृत हुए थे। उनकी ई-टेंडरिंग प्रक्रिया पूरी नहीं हो पाई थी। नया बोर्ड आने के बाद पालिका अध्यक्ष ने उन कार्यों की जांच कराने के लिए रोका गया है। इनमें कुछ कार्यों का जल्द ही निर्माण शुरू कराया जाएगा।
- रामेंद्र सिंह, ईओ, नगरपालिका शामली।
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प्रशासक के कार्यकाल में जो विकास कार्य स्वीकृत हुए थे, उनमें कुछ कार्यों की प्रशासक के समय में ही शिकायत मिलने पर उन्होंने रोक लगा दी थी। इसके अलावा स्वीकृत हुए कार्यों की उनके द्वारा जांच कराई गई तो उनमें अधिकतर ऐसे कार्य थे, जहां पर सीसी सड़क और नाली पहले से ही बनी हुई है या फिर वहां पर बस्ती नहीं होना पाया गया है। पांच-छह स्थानों पर निर्माण कार्य कराए जाने की जरूरत है। जहां जरूरत है, उन स्थानों पर निर्माण कार्य कराने की स्वीकृति दे दी गई है।
- अरविंद संगल, नगरपालिका अध्यक्ष शामली