एंटी रेबीज इंजेक्शन के लिए भटक रहे मरीज
शामली। सरकारी अस्पतालों में करीब 20 दिन से एंटी रेबीज इंजेक्शन नहीं हैं। वहीं, रोजाना कुत्ते व बंदर के काटने के कई पीड़ित सीएचसी पहुंच रहे हैं।
क्षेत्र में कुत्ते और बंदर के काटने के केस रोजाना सामने आ रहे हैं। सीएचसी में रोजाना 15 से 20 मरीज पहुंच रहे हैं। चिकित्सक उन्हें एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दे रहे हैं। इससे मरीज और तीमारदार मायूस होकर लौटने को मजबूर हैं। यही हाल जिले के अन्य सरकारी अस्पतालों का है। इसके चलते मरीजों को बाजार से महंगे इंजेक्शन खरीदकर लगवाने को मजबूर होना पड़ा रहा है।
गांव फतेहपुर निवासी बिजेंद्र कुमार शुक्रवार को छह वर्षीय पुत्र कृष्णा को एंटी रेबीज का इंजेक्शन लगवाने पहुंचे। उन्होंने बताया कि वे कई दिन कुड़ाना सीएचसी के चक्कर काटने के बाद यहां पहुंचे। उन्हें उम्मीद थी कि यहां एंटी रेेबीज इंजेक्शन लग जाएगा परंतु चिकित्साधिकारी डॉ. रमेश चंद्रा ने इंजेक्शन नहीं होने की जानकारी दी। मोहल्ला बूढ़ा बाबू निवासी शकीला ने बताया कि उसके छह वर्षीय बेटे को तीन दिन पहले कुत्ते ने काटा है। वह एंटी रेबीज इंजेक्शन लगवाने आई परंतु उपलब्ध नहीं होने की जानकारी दी है।
कोट
जिले के सरकारी अस्पतालों में कई दिन से एंटी रेबीज इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हैं। शासन को मांग भेजी है। जल्द ही उपलब्ध होने की उम्मीद है।-डॉ. संजय अग्रवाल, मुख्य चिकित्सा अधिकारी