शामली। कोरोना कर्फ्यू में कच्चा माल उपलब्ध नहीं होने से जिले की पेपर मिलों के सामने संकट खड़ा हो गया है। विदेशों से तैयार माल के आर्डर नहीं आने से उद्योगों की 50 फीसदी आय प्रभावित हुई है।
जिले में सिक्का में मारुति पेपर मिल, और कंडेला औद्योगिक क्षेत्र में निकिता पेपर मिल हैं। दोनों पेपर मिल का प्रतिमाह करोड़ों रुपये का आय का टर्न ओवर था। मई में कोरोना कर्फ्यू लगने के बाद पेपर उद्योगों को मांग के मुताबिक कच्चा माल उपलब्ध नहीं हो रहा है। जिससे पेपर मिलों के सामने संकट पैदा हो गया है। हालात यह हो गए हैं कि मांग के मुताबिक कच्चा माल नहीं मिलने से पेपर भी तैयार नहीं हो पा रहा है। दो पेपर मिलों की मशीनों में एक-एक मशीन बंद करनी पड़ रही हैं। जिस कारण 50 फीसदी उत्पादन घट गया है। फिलहाल पुराने माल के आर्डर के मुताबिक माल तैयार करके चीन में भेजा गया है। चीन से पेपर के नए आर्डर नहीं मिल रहे हैं।
- हरियाणा, पंजाब, उत्तराखंड और दिल्ली से कच्चा माल प्राप्त हो जाता था। कोरोना कर्फ्यू जारी रहने से कच्चा माल के दामों में बढ़ोतरी हुई है। वही कच्चा माल किसी भी कीमत पर उपलब्ध नहीं हो रहा है। कच्चा माल नहीं मिलने और बाहर से माल के नए आर्डर नहीं आने से 50 फीसदी उत्पादन गिर गया है। कोरोना कर्फ्यू से पहले उनका टर्न ओवर 20 से लेकर 22 करोड़ प्रतिमाह का होता था। अब यह घटकर दस करोड़ रुपये प्रतिमाह का रह गया है। - अशोक बंसल, निकिता पेपर मिल के मालिक
- पेपर के आर्डर चीन से आते थे। कोरोना कर्फ्यू के चलते चीनी से भी आर्डर नहीं प्राप्त नहीं हो रहे हैं। उनका प्रतिमाह 30 करोड़ रुपये का टर्न ओवर था, जो घटकर आधा रह गया है। कोरोना कर्फ्यू में पेपर उद्योग प्रभावित हुआ है। - राजेश्वर बंसल, चेयरमैन, मारुति पेपर मिल