शामली। गैस रिसाव प्रकरण के बाद सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका विद्या इंटर कॉलेज शुक्रवार को निर्धारित समय पर खुले, लेकिन गैस के प्रभाव का खौफ कम नहीं हुआ।
दोनों स्कूल में पंजीकृत में से सिर्फ 60 प्रतिशत ही बच्चे ही पढ़ाई के लिए आए। वहीं, 30 ऐसे बच्चे भी स्कूल आए, जो को गैस के प्रभाव से बीमार हो गए थे।गौरतलब है कि 10 अक्तूबर को सर शादीलाल शुगर मिल की डिस्टलरी यूनिट के बायोगैस प्लांट से गैस रिसाव होने के कारण सरस्वती शिशु मंदिर जूनियर हाईस्कूल और बालिका विद्या इंटर कॉलेज के करीब 300 बच्चे बीमार हो गए थे।
मामले में प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह की तरफ से शुगर मिल मालिक रजत लाल और प्रबंधन के खिलाफ शामली कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना के कारण अफरा तफरी होने पर स्कूल की छुट्टी कर दी गई थी। उसके बाद से खौफ के कारण बच्चे स्कूल नहीं पहुंच पा रहे थे। वहीं, स्कूल प्रबंधन ने बृहस्पतिवार को ही अभिभावकों को सूचना भेजकर शुक्रवार को निर्धारित समय पर स्कूल खुलने और छात्र-छात्राओं को स्कूल भेजने के लिए कह दिया था। सुबह स्कूल निर्धारित समय पर खुला।
इस दौरान दोनों ही स्कूलों में करीब 1200 बच्चे मौजूद रहे, जबकि दोनों स्कूलों में पंजीकरण संख्या 2000 है। सरस्वती विद्या मंदिर जूनियर हाईस्कूल के प्रधानाचार्य उमेश कुमार ने बताया कि स्कूल में पंजीकृत 1400 में से करीब 700 बच्चे स्कूल पहुंचे। वहीं, बालिका इंटर कॉलेज के प्रधानाचार्य रवींद्र सिंह ने बताया कि कॉलेज में करीब 600 छात्राएं पंजीकृत हैं, जिनमें से 500 छात्रा ही कॉलेज पहुंची। सभी कक्षाओं में शिक्षण कार्य कराया गया। शुक्रवार को स्कूल में सामान्य माहौल रहा।
स्कूल पहुंचे बच्चे प्रार्थना में शामिल हुए, पढ़ाई की और इंटरवल में अन्य दिनों की तरह ही खेलकूद भी किया। इस दौरान बच्चों से पूछा गया कि क्या अब भी गैस के कारण कोई परेशानी हो रही है, तो बच्चों का कहना था कि अब ऐसा कुछ नहीं है। प्रधानाचार्य रविंद्र सिंह ने बताया कि गैस के प्रभाव की वजह से बीमार हुई छात्राओं से करीब 10 छात्राएं स्कूल आई, जिनमें कक्षा 10 में आयशा, वंशिका, विनिता, आयूषी, शैली, तृप्ति आदि छात्राएं बिना किसी दिक्कत के पढ़ाई कार्य कर रही है। वहीं, जूनियर हाईस्कूल में भी ऐसे 20 बच्चे पहुंचे, जो मंगलवार को गैस के प्रभाव के कारण बीमार हो गए थे।
नर्सरी से कक्षा दो तक 11 बजे कर दी छुट्टी
कक्षा नर्सरी से कक्षा दो तक के बच्चों की पूर्वाह्न 11 बजे छुट्टी कर दी गई। ई रिक्शा और अन्य वाहनों से बच्चों को उनके घर भेज दिया गया। काफी संख्या में अभिभावक भी अपने बच्चों को लेने के लिए पहुंचे।