शामली। अग्निशमन केंद्र में स्मृति परेड का आयोजन किया गया। इस अवसर पर 1944 में मुंबई बंदरगाह पर अग्नि शमन कार्य करते हुए शहीद हुए अग्नि शमन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर कर्मचारियों को पिन फ्लैग भी लगाए गए।
अग्नि शमन विभाग उप्र द्वारा प्रत्येक वर्ष 14 अप्रैल से 20 अप्रैल तक अग्नि शमन सेवा स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता है। इस उपलक्ष्य में पहले दिन रविवार को अग्निशमन केंद्र पर मुख्य अग्नि शमन अधिकारी दीपक शर्मा के नेतृत्व में अग्नि शमन द्वितीय अधिकारी प्रभारी फायर स्टेशन शामली अजीज खान ने फायर सर्विस टीम के साथ फायर स्टेशन शामली पर स्मृति परेड का आयोजन कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। मुख्य अग्नि शमन अधिकारी दीपक शर्मा ने बताया कि इस साल अग्निशमन सेवा दिवस पर आग बुझाने से बेहतर, आग की रोकथाम स्लोगन दिया गया है। इस दौरान कर्मचारियों और मौजूद लोगों को पिन फ्लैग लगाए गए। इस अवसर पर फायर स्टेशन के सभी अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
जिले में एक साल में आग लगने की 146 घटनाएं हुई
शामली। फायर स्टेशन प्रभारी अजीज खान ने बताया कि साल 2018 में जनपद शामली में 146 अग्निकांड की घटनाएं घटित हुई, जिनमें 1,46,69,500 रुपये की क्षति हुई और लगभग 3,97,11,500 रुपये की संपत्ति बचाई गई है।
अग्नि शमन सेवा स्मृति दिवस पर होने वाले कार्यक्रम
14 अप्रैल- स्मृति दिवस परेड एवं पिन फ्लैग लगाया जाना।
15 अप्रैल- फायर स्टेशन व महत्वपूर्ण स्थानों पर समस्त फायर स्टेशन क्षेत्रों में फायर रैली निकालकर जनता को जागरूक करना।
16 अप्रैल- जनपदीय मुख्यालय व तहसील स्तर पर विद्यमान फायर स्टेशन के सहयोग से शिक्षा संस्थानों में अग्नि सुरक्षा से संबंधित निबंध, चित्रकला एवं व्याख्यान का आयोजन करना।
17 से 19 अप्रैल तक- जनपद मुख्यालय एवं तहसील स्तर पर बहुखंडीय भवनों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों सभागारों का निरीक्षण अग्नि सुरक्षा से संबंधित जन जागरण, अग्निशमन व्यवस्थाओं की जांच, मॉक ड्रिल हेतु अभियान चलाना और गोष्ठी का आयोजन कर विचार विमर्श करना।
20 अप्रैल- ग्रामीण अंचलों में प्रभारी अग्नि शमन अधिकारी द्वारा अग्नि सुरक्षा जागरूकता अभियान चलाना।