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पिछड़ रहा खांडसारी इकाइयों का संचालन

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शामली क्षेत्र के गांव राझड में खांडसारी इकाई। - फोटो : SHAMLI
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शामली। जिले की खांडसारी इकाइयों का पेराई सत्र एक माह पिछड़ गया है। स्थिति यह है कि मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना क्षेत्र के बहलौलपुर की खांडसारी इकाइयां घाटे के चलते फिलहाल बंद कर दी है। इसका कारण गुड़ के दाम में गिरावट को माना जा रहा है।
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जिले में खांडसारी इकाइयों का पेराई सत्र एक अक्तूूबर से प्रस्तावित था। इसके बावजूद इकाइयों का संचालन नहीं हो सका। अब एक नवंबर को खांडसारी इकाइयां संचालित करने की बात कही जा रही हैं। 11 इकाइयों में से बहलौलपुर की खांडसारी इकाई अक्तूूबर के प्रथम सप्ताह में चालू हुई थी, जो दो तीन दिन चलकर फिलहाल बंद हो गई है। खांडसारी इकाई के संचालक रमेश और मोनू ने बताया कि उन्होंने 250 रुपये प्रति क्विंटल से गन्ने की खरीद की। खरीदे गए गन्ने से गुड़ का उत्पादन किया, लेकिन वह नरम रह गया।
सरधना मंडी में गुड़ कम दाम पर बिका, जिससे उन्हें करीब 50 हजार रुपये का घाटा रह गया। इसके चलते किसानों से गन्ने की खरीद बंद कर दी। मंडी में गुड़ 2300- 2400 रुपये प्रति क्विंटल बिका। पहले गुड़ 3400- 3500 रुपये क्विंटल गुड़ मंडी में बिक रहा था। गन्ने का मूल्य 200- 225 रुपये तक चल रहा है। गुड़ के दाम गिरने से फिलहाल खांडसारी इकाई को बंद करना पड़ा। जिले के राझड़ गांव में खांडसारी इकाई के संचालक अयूब ने बताया कि वह दशहरे के दिन अपनी खांडसारी इकाई की शुरुआत करेंगे। सितंबर में बारिश होने के कारण खांडसारी इकाई चालू करने में देेेरी हुई है।
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मजदूर और मशीनरी समय पर न मिलना भी कारण
खांडसारी इकाइयों का सत्र एक अक्तूबर से शुरू होता था। वर्ष 2012 में सहारनपुर जिले में 50 इकाइयां बंद हो चुकी हैं। इस नए सत्र में सहारनपुर में 8-9, शामली 11 और मुजफ्फरनगर समेत 20-25 इकाई चालू होने की संभावना है। खांडसारी इकाइयों का लेट होने का कारण मजदूरों के समय पर न मिलना व मशीनरी चालू न होना मान रहे हैं। चीनी मिलें भी 30-31 अक्तूबर को चालू होंगी। खांडसारी इकाइयों में बहलौलपुर एक, जौला में तीन, राजपुर छाजपुर एक, कमरुदीन नगर एक, शामली जिले में बंतीखेड़ा, राझड़ आदि शामिल हैं। कंडेला, खरड़, खंद्रावली नई खांडसारी इकाई के लाइसेंस स्वीकृति के लिए मुख्यालय को पत्रावली भेजी गई है। - सुभाष चंद, सहायक चीनी आयुक्त
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दूसरे प्रांतों में कोल्हू चलने से गुड़, शक्कर की मांग घटी
हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र राज्यों में कोल्हू चलने से गुड़ की मांग कम हो जाती है। जिससे मंडियों में भाव में गिरावट आई है। हरियाणा के यमुनानगर के पास बिलासपुर, रोहतक, पंजाब में होशियार में अधिक संख्या में कोल्हू चलने से गुड़, शक्कर का उत्पादन होता है। शामली मंडी में गुड़ का भाव 2500- 2700, शक्कर का भाव 2800- 2900 रुपये है। - राजीव संगल, अध्यक्ष, मंडी व्यापार मंडल शामली।
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