सीएचसी में 50 दिन बाद शुरू हुई ओपीडी
शामली। सरकारी अस्पतालों में 50 दिन बाद ओपीडी शुरू हुई। पहले दिन मरीजों की संख्या कम रही। सीएचसी में पहुंचे करीब 250 मरीजों की चिकित्सकों ने जांच कर उपचार दिया।
कोरोना के केस बढ़ने पर 15 अप्रैल को सरकारी अस्पतालों में ओपीडी बंद कर दी गई थी। केवल इमरजेंसी में ही मरीजों का उपचार किया जा रहा था। कोरोना के साथ ब्लैक फंगस के केस सामने पर करीब 10 दिन पहले सीएचसी शामली में नेत्र रोग और ईएनटी की ओपीडी सुबह 10 से 12 बजे तक शुरू की गई थी। अब कोरोना के केस कम होने पर शुक्रवार से सुबह आठ बजे से दोपहर दो बजे तक नियमित रूप से ओपीडी शुरू हुई।
सीएचसी शामली के चिकित्साधीक्षक डॉ. रमेश चंद्रा ने बताया कि पहला दिन होने के कारण मरीजों की संख्या कम रही। सीएचसी में करीब 250 मरीज पहुंचे। ओपीडी में सभी चिकित्सक मौजूद रहे। ओपीडी में चिकित्सकों ने सभी मरीजों की जांच की और उन्हें दवा दी गई है। उन्होंने बताया कि कोरोना से पहले सामान्य तौर पर सीएचसी में मरीजों की संख्या एक हजार के आसपास रहती है।
अस्पताल में ओपीडी शुरू होते ही मरीजों की लगी लाइन
कैराना। शुक्रवार से कैराना सीएचसी व क्षेत्र की चार प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर जनरल ओपीडी शुरू कर दी गई। ओपीडी शुरू होते ही मरीजों की लाइनें लग गई। चिकित्साधीक्षक डॉ. भानु प्रकाश ने बताया कि ओपीडी खुलने के बाद इमरजेंसी सेवाएं 24 घंटे निरंतर जारी रहेगी। इस दौरान अगर कोई कोरोना संक्रमित या अन्य बीमारी से ग्रस्त मरीज आता है तो इसके लिए उनके पास तीन ऑक्सीजन सिलिंडर व पांच कंसंट्रेटर मशीन मौजूद है। इसके अलावा कोरोना की तीसरी लहर के मद्देनजर शासन के निर्देश पर सीएचसी पर आठ बेड का बच्चा वार्ड बनाया गया है।