शामली। मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. संजय भटनागर ने कहा कि जीवनशैली में सुधार कर और नियमित दवाओं का सेवन करने से मधुमेह को नियंत्रित किया जा सकता है। उन्होंने आशाओं, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को मधुमेह के प्रति लोगों को जागरूक करने पर जोर दिया।
विश्व मधुमेह दिवस पर बृहस्पतिवार को सीएचसी के सभागार में आयोजित गोष्ठी में सीएमओ ने कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्रों पर मधुमेह की निशुल्क जांच की जाती है। मधुमेह से हृदय, रक्त धमनियों, आंखों और किडनी के साथ हड्डियों पर प्रभाव पड़ता है। जीवन शैली में सुधार और नियमित दवाओं का सेवन करके इस रोग को नियंत्रित रखा जा सकता है। मधुमेह को आधुनिक जीवनशैली की देन कहा जा सकता है। शरीर में जब ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है तो उस स्थिति को मधुमेह यानी डायबिटीज कहा जाता है। यह इंसुलिन हार्मोन की कमी से होता है। हम जो खाते हैं इंसुलिन उसे ऊर्जा में बदलता है। साथ ही यह शरीर में शुगर की मात्रा को नियंत्रित करता है। मधुमेह के अनियंत्रित रहने पर रक्त में शुगर अधिक बढ़ जाता है।
मधुमेह को अनियंत्रित छोड़ देने पर पैरों में अल्सर और संक्रमण के अलावा डायबिटिक फुट की समस्या भी हो सकती है, जिसमें पैरों को काटने की नौबत आ सकती है। उन्होंने बताया कि मधुमेह से पीड़ित व्यक्ति को सुबह के समय लगातार व्यायाम करने से बहुत लाभ मिलता है। सीएमओ ने गोष्ठी में मौजूद आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं से रोग से बचाव के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए। मौके पर एसीएमओ डॉ. सफल कुमार, डॉ. राजकुमार सागर, डॉ. डीवी सिंह, डॉ. रमेश चंद्रा, डॉ. जाहिद अली त्यागी, डॉ. शाइस्ता नाज, राम ललित वर्मा, राहुल त्यागी, शबी आजम, विपिन गुप्ता आदि मौजूद रहे।