35 प्रतिशत यात्री ही कर रहे हैं रोडवेज में सफर
शामली। लॉकडाउन के दौरान लोग यात्रा करने से बच रहे हैं। एक जून से बसों का संचालन शुरू होने के बावजूद सिर्फ 35 प्रतिशत सवारियां ही रोडवेज बसों को मिल पा रही हैं। ज्यादातर यूपी रोडवेज की बसें खाली चल रही हैं।
दो माह के लॉकडाउन के बाद शासन ने एक जून को यूपी रोडवेज की 70 बसों के संचालन की अनुमति दी। जिसके बाद लोनी, बड़ौत, मेरठ, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर, पानीपत आदि डिपो ने शामली से होकर बसों का संचालन शुरू किया है। लेकिन बसों को अपेक्षा से कम यात्री ही मिल पा रहे हैं। लोग कोरोना के डर से सार्वजनिक वाहनों में यात्रा करने से कतरा रहे हैं।
शामली रोडवेज बस अड्डे के वरिष्ठ केंद्र प्रभारी राजेंद्र चौहान ने बताया कि शामली अड्डे से 19 रोडवेज बसों का संचालन किया जा रहा है। इन रोडवेज बसों से प्रतिदिन एक लाख रुपये की आय हो पा रही है, जबकि लॉकडाउन से 22 बसों से प्रति दिन 2 लाख 75 हजार रुपये की आय थी। सवारियों के लॉकडाउन में न निकलने से यूपी रोडवेज की बसों की आय पर असर पड़ा है। उन्होंने बताया कि लॉकडाउन से पहले हरियाणा के पानीपत डिपो से प्रतिदिन 40 से अधिक बसों का शामली होकर संचालन होता था, अब वहां से तीन-चार हरियाणा की बसों का संचालन हो रहा है।
प्राइवेट बसों को सवारियां और भी कम मिल पा रही हैं। मुजफ्फरनगर-शामली, प्राइवेट बस यूनियन के अध्यक्ष योगेंद्र सिंह के मुताबिक लॉकडाउन से पूर्व मुजफ्फरनगर-शामली समेत कई मार्गों पर 84 प्राइवेट बसों का संचालन होता था। अब 51 प्राइवेट बसें चल पा रही हैं। जिनमें 20-25 प्रतिशत सवारियां सफर कर रही हैं।
- शामली में संचालित रोडवेज बसें
डिपो बसों की संख्या
शामली 19 बसें
बड़ौत 20 बसें
सहारनपुर 15 बसें
मेरठ 8 बसें
मुजफ्फरनगर 2 बसें
पानीपत 2 बसें
लोनी 4 बसें
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- शामली में संचालित प्राईवेट बसें
मार्ग का नाम बसें
शामली- मुजफ्फरनगर मार्ग 28 बसेें
शामली- कैराना मार्ग 18 बसें
शामली-ऊन-चौसाना मार्ग 4 बसें
शामली- बिडौली मार्ग- 1 बस
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