घटना के बाद स्थानीय लोग और पुलिस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत बड़ौत के निजी अस्पतालों, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र और जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मिनी बस का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया और उसके परखच्चे उड़ गए। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय के लिए जाम की स्थिति भी बन गई।
गैस टैंकर से बढ़ा खतरा
हादसे में शामिल गैस टैंकर के कारण स्थिति और भी खतरनाक हो सकती थी। गनीमत रही कि टक्कर के बावजूद टैंकर में विस्फोट नहीं हुआ, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर टैंकर फट जाता तो बस सवार यात्रियों के साथ-साथ हाईवे से गुजर रहे अन्य वाहन और आसपास का क्षेत्र भी इसकी चपेट में आ सकता था। इस वजह से यह हादसा संभावित बड़ी त्रासदी की चेतावनी बनकर सामने आया है।