शिक्षिका का कहना है कि उन्हें पिछले आठ महीनों से वेतन नहीं मिला है, जिसके कारण उन्हें गंभीर आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने अधिकारियों से वेतन दिलाने, दूसरे विद्यालय में समायोजन कराने और वेतनवृद्धि का लाभ देने की मांग की है।
धरने के दौरान सीडीओ और डीआईओएस मौके पर पहुंचे और शिक्षिका से वार्ता की। इसी दौरान सेवानिवृत्त फौजी और शिक्षक मुकेश शर्मा ने भी अपना पक्ष रखने की कोशिश की, लेकिन आरोप है कि अधिकारियों ने उनकी बात सुनने से मना कर दिया।
बताया जा रहा है कि इसी बात से नाराज होकर मुकेश शर्मा ने पेट्रोल की बोतल निकालकर आत्मदाह का प्रयास किया। हालांकि मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बोतल छीन ली और स्थिति को नियंत्रित कर लिया।
घटना के बाद कलेक्ट्रेट परिसर में कुछ देर के लिए अफरातफरी का माहौल बन गया।