शामली। वसंत पंचमी के पावन अवसर पर शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में सरस्वती पूजा पूरे श्रद्धा और उत्साह के साथ की जाएगी। इस मौके पर महिलाओं से हुई बातचीत में शिक्षा, आत्मनिर्भरता और सामाजिक बदलाव की सशक्त झलक देखने को मिलेगी। महिलाओं का कहना है कि वसंत पंचमी केवल धार्मिक पर्व नहीं, बल्कि ज्ञान, विवेक और नई शुरुआत का प्रतीक है।
शिक्षिका मृदुला जैन ने बताया कि आज की बेटियां पढ़ाई को लेकर पहले से अधिक जागरूक हैं और माता-पिता भी उनके भविष्य को लेकर गंभीर होंगे। स्वयं सहायता समूह से जुड़ी अनीता मलिक ने कहा कि छोटे व्यवसाय और प्रशिक्षण के जरिए महिलाएं अब आत्मनिर्भर बन रही हैं। इससे न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी, बल्कि समाज में महिलाओं का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
कॉलेज की छात्रा शगुन कुमारी ने बताया कि सरस्वती पूजा के दिन वह अपने उज्ज्वल भविष्य की कामना करेंगी और चाहेंगी कि आगे चलकर दूसरी लड़कियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर सकें। महिलाओं का मानना है कि शिक्षा और कौशल विकास ही सशक्त समाज की नींव है। वसंत पंचमी के अवसर पर महिलाओं की यह सकारात्मक सोच आने वाले समय में समाज को नई दिशा देने का संकेत देगी।