शामली। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम शामली रोडवेज डिपो की नौ बीघा भूमि पट्टे पर नहीं, बल्कि उस पर अपना स्वामित्व चाहता है। निगम के आरएम ने डीएम शामली को एक पत्र भेजकर रोडवेज डिपो की भूमि का बैनामा करा खसरा खतौनी में दर्ज किए जाने का मामला उठाया है।
पानीपत-खटीमा मार्ग पर गांव फतेहपुर और खेड़ी बैरागी गांव के बीच नौ बीघा भूमि शामली रोडवेज डिपो के लिए आवंटित हो चुकी है। जिला प्रशासन उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम को भूमि पर काबिज करा चुका है।
इसके लिए निगम ने 47,12400 रुपये की धनराशि इलाहाबाद बैंक के माध्यम से कोषागार में हस्तांतरित कर दी है। डेढ़ साल पहले तत्कालीन डीएम ओपी वर्मा इस भूमि का निगम को 99 साल के लिए पट्टा कर चुके हैं। लेकिन सहारनपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक ने मंडलायुक्त सहारनपुर के माध्यम से डीएम सुजीत कुमार को पत्र भेजकर शामली डिपो की भूमि को पट्टे पर न देकर भूमि का बैनामा करा खसरा, खतौनी में दर्ज कराने का अनुरोध किया है। उनका कहना है कि रोडवेज डिपो के लिए भूमि पट्टे पर दिए जाना अप्रासंगिक है।
भूमि के मामले में सहारनपुर आरएम का पत्र डीएम को मिल चुका है। इस संबंध में आरएम एडीएम भरत पांडे से 14 फरवरी को रिपोर्ट भी मांग चुके हैं। फिलहाल एडीएम अवकाश पर हैं। डीएम का कहना है कि आरएम का पत्र उन्हें प्राप्त हो चुका है। वह इस प्रकरण का निस्तारण कराना चाहते हैं। उनका मानना है कि नियमानुसार रोडवेज को भूमि लीज पर दिए जाने का प्रावधान है, इस संबंध में राय लेकर आगे की कार्रवाई की जाएगी।