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धनतेरस पर बर्तन उद्योग को 50 लाख से ज्यादा के कारोबार की

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शामली में बर्तनो की खरिदारी करती महिलाएं - फोटो : SHAMLI
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शामली। इस बार धनतेरस और दीपावली के मौके पर शामली के बर्तन उद्योग की कोरोना के प्रभाव से उबरने की उम्मीद जगी है। पिछले साल यह कारोबार इन दिनों ठप सा रहा था। धनतेरस और दीपावली पर शामली में 50 लाख रुपये से ज्यादा का कारोबार होने की उम्मीद है। बाजारों में तांबे- पीतल, स्टील के बर्तनों की दुकानों में भरमार है। उद्यमियों का कहना है कि महंगाई बढ़ने से उन्हें ज्यादा फायदा नहीं होगा।
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शामली के बर्तन उद्योग की पूरे देश में पहचान रही है। मोहल्लों व घरों में पीतल के बर्तन बनाने का काम होता था। समय बदला तो पीतल के बर्तनों के स्थान पर स्टील और तांबे के बर्तनों की ओर लोगों को रुझान बढ़ा है। ग्राहकों द्वारा बर्तन पसंद किए जा रहे हैं। शामली से दिल्ली, मुजफ्फरनगर, सहारनपुर और उत्तराखंड के रुकी, ऋषिकेश समेत कई शहरों में बिक्री के लिए जाते हैं। शहर में करीब एक सौ स्टील और एल्यूमिनियम के बर्तनों की दुकानें हैं। सालाना स्टील और एल्यूमिनियम के बर्तनों का 30 करोड़ रुपये का कारोबार होता है। जिसमें दीपावली और धनतेरस पर स्टील के बर्तनों के दुकानदारों का करीब 50 लाख रुपये का कारोबार शामिल है। धनतेरस और दीपावली के त्योहार के मौके पर तांबा और पीतल के बर्तनों की ओर ग्राहकों का रुझान बढ़ा है।
ये उत्पाद किए जा रहे हैं पसंद
बाजार में स्टील के कुकर, पीतल के दीपक, लक्ष्मी-गणेश, तांबे में सोने व चांदी की पोलिस से बने बाउल चम्मच, गिलास, कटोरी, बाउल, ट्रे, चम्मच सेट, तांबे की बने थर्मस, गिलास, थाली, कुकर पसंद किए जा रहे हैं। शहर के बड़ा बाजार अजुध्या चौक स्थित पीतल और स्टील की दुकान के विक्रेता संदीप मित्तल और गांधी चौक में दुकान करने वाले अरविंद का कहना है कि पिछले साल कोरोना की वजह से कारोबार बिल्कुल नहीं हुआ। इस बार महंगाई की वजह से खरीदार कम दिखाई दे रहे हैं। धनतेरस और दीपावली पर अच्छे-खासे कारोबार की उम्मीद है। एल्यूमिनियम के बर्तनों की जगह लोगों का स्टील और तांबे के बर्तनों की खरीदारी कर रहे हैं।
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महंगाई बढ़ी, कम होगा फायदा
बर्तन कारोबारी सचिन गर्ग का कहना है कि इस साल स्क्रैप के दाम दोगुने हो गए हैं। व्यापार लगभग उतना ही है। इससे कारोबारियों को ज्यादा फायदा होने की उम्मीद नहीं है।
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