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दिल्ली में बवाल के बाद सख्त हुए अफसर

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बनत नगर पंचायत कार्यालय में झंडा फैराते चेयरमैन राजीव कुमार व सभासद - फोटो : SHAMLI
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शामली/गढ़ीपुख्ता/ऊन। दिल्ली में ट्रैक्टर रैली को लेकर हुए बवाल के बाद जिले में भी सख्ती बढ़ा दी गई है। बुधवार सुबह से ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी गांवों में पहुंच गए। भैंसवाल, टिटौली और बधेव के अलावा गढ़ीपुख्ता और ऊन क्षेत्र के विभिन्न गांवों में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने बैठक कर किसानों से शांति बनाए रखने को कहा। इसके साथ ही गांवों में पैदल मार्च निकाला।
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गणतंत्र दिवस पर जगह-जगह टैक्टर रैली निकलने की सूचना पर पुलिस दौड़ती रही। गढ़ीपुख्ता क्षेत्र में भारी संख्या में पुलिस फोर्स ने गांवों में पहुंचकर किसानों को समझा-बुझाकर रोका। पुलिस व पीएसी के जवानों ने भैंसवाल गांव में फ्लैग मार्च निकाला तथा बैठक लेकर किसानों को अपने घरों में ही रहने को कहा। गांव मालैंडी, राझड़, पलठेड़ी गांव से भी ट्रैक्टर परेड की सूचना पर पुलिस इस गांव से उस गांव तक दौड़ती रही तथा किसानों को समझा बुझाकर शांत किया।
बुधवार को फिर से एसडीएम संदीप कुमार, सीओ थानाभवन अमित सक्सेना, गढ़ीपुख्ता, आदर्श मंडी थानों की पुलिस फोर्स व पीएसी के साथ भैंसवाल पहुंचे। पुलिस को सूचना मिली थी कि किसान धरना-प्रदर्शन के लिए इकट्ठा हो रहे हैं। अधिकारियों ने गांव के प्राथमिक विद्यालय में ग्रामीणों की बैठक लेकर उन्हें किसान आंदोलन और पंचायत चुनाव में शांति बनाए रखने की अपील की। चेतावनी दी कि यदि किसी ने भी कोई गड़बड़ी की तो सख्ती से निपटा जाएगा।
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ऊन क्षेत्र में बुधवार को सुबह से ही तहसील कार्यालय के बाहर पुलिस बल तैनात रहा। दोपहर के समय सीओ कैराना जितेंद्र सिंह, एसओ झिंझाना श्यामवीर सिंह, ऊन चौकी प्रभारी अनिल तेवतिया ने पुलिस व पीएसी के साथ गांव में फ्लैग मार्च किया। फ्लैग मार्च गागोर, पिंडोरा, टोडा, चौसाना आदि दर्जनों गांवों से होकर गुजरा। एएसपी राजेश श्रीवास्तव ने बताया कि किसान आंदोलन और पंचायत चुनाव को लेकर गांवों में बैठकें की जा रहीं हैं। ग्रामीणों से शांति बनाए रखने के लिए कहा जा रहा है। साथ ही पुलिस पैदल मार्च कर ग्रामीणों को शांति बनाए रखने में सहयोग देने को कह रही है।
डीएम जसजीत कौर ने कहा कि सभी एसडीएम और सीओ को गांवों में बैठकें करने के लिए कहा गया है। किसान आंदोलन और पंचायत चुनाव के मद्देनजर अधिकारी ग्रामीणों से बात करेंगे।
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