फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

ओडीओपी से सुधरी रिम-धुरा उद्योग की सेहत

विज्ञापन
शामली फैक्टरी में रिम धूरे तैयार करते कर्मचारी। फाइल फोटो - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
ओडीओपी से सुधरी रिम-धुरा उद्योग की सेहत
विज्ञापन

शामली। एक जिला एक उत्पाद में शामिल होने के बाद से जिले के रिम-धुरा उद्योग की सेहत सुधर रही है। नए उद्यमियों को उद्योग लगाने में सहूलियत मिली है। साथ ही उत्पादों की मार्केटिंग एवं बिक्री में भी आसानी हुई है।
प्रदेश सरकार की एक जिला एक उत्पाद योजना में जनपद के किसी एक उत्पाद को शामिल किया गया है। शामली की पहचान रिम-धुरा उद्योग से है। इसलिए यही उद्योग ओडीओपी योजना में शामिल है। जिले में रिम-धुरा बनाने की लगभग 31 फैक्टरियां हैं। इन फैक्टरियों में बनने वाले रिम-धुुरों की सप्लाई देशभर में होती है। रिम-धुरा इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष परविंद जैन बताते हैं कि शामली और बड़ौत में बनने वाले रिम-धुरे राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात एवं दक्षिण भारतीय राज्यों में सप्लाई किए जाते हैं। वह बताते हैं एक जिला एक उत्पाद योजना में शामिल होकर पुराने उद्योगों को ज्यादा लाभ नहीं मिला, लेकिन नए उद्यमियों को इसका फायदा है। उद्योग लगाना आसान हो गया है। इससे रिम-धुरा उद्योग को बढ़ावा मिल रहा है।
विज्ञापन

जिले में दो नई इकाइयां हुईं स्थापित
ओडीओपी से जुड़कर नई इकाइयां लगाने वालों को फायदा है। परविंद जैन बताते हैं कि जो पुरानी इंडस्ट्री हैं उन्हें लाभ नहीं है। नई इकाई लगाने पर 25 लाख तक के ऋण पर 25 प्रतिशत, 50 लाख पर 20 प्रतिशत तथा एक करोड़ पर 15 प्रतिशत सब्सिडी का लाभ मिल रहा है। जिले में रिम-धुरा बनाने की दो नई इकाइयां स्थापित हुईं हैं। वह बताते हैं कि आने वाले समय में और भी इकाइयां बढ़ने की उम्मीद है।
विज्ञापन

वर्चुअल मेले में उद्यमियों ने स्टाल लगाए
ओडीओपी के तहत लखनऊ में 19 से 27 अक्तूबर तक हुए वर्चुअल मेले में जिले से जय कृषि उद्योग, पीके जैन व्हील इंडस्ट्री, महावीर उद्योग, आदिनाथ इंडस्ट्रीज, वेदप्रकाश उद्योग एवं राज रिम धुरा उद्योग ने अपने स्टॉल लगाए। स्टॉल लगाने से लोगों ने शामली में बनने वाले रिम-धुरों के बारे में जाना। राज रिम-धुरा उद्योग के संचालक वेदप्रकाश बताते हैं कि रिम-धुरा किसान ही खरीदते हैं। इस तरह के उत्पादों के लिए तो ऐसे मेलों की आवश्यकता है जहां पर किसान खुद आकर खरीदारी कर सके।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें