शामली। सरस्वती शिशु विद्या मंदिर शामली में तीन दिवसीय प्रधानाचार्य कार्य योजना बैठक का शुभारंभ किया। विद्या भारती के सह संगठन मंत्री श्रीराम अरवाकर ने कहा कि प्रधानाचार्यों ने कोरोना काल में ऑनलाइन शिक्षा देकर शैक्षिक कार्यों में आई बाधाओं को दूर करने का काम किया।
शनिवार को कार्य योजना के उद्घाटन सत्र का विद्या भारती अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री श्रीराम अरवाकर, प्रांतीय संगठन मंत्री तपन कुमार, प्रांतीय शैक्षिक प्रमुख महेश शर्मा, प्रदेश निरीक्षक शिशु शिक्षा समिति पश्चिमी उत्तर प्रदेश शिवकुमार शर्मा, प्रांतीय सदस्य व जिला प्रमुख अनिल कुमार मलिक ने मां शारदे के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन कर किया।
सहसंगठन मंत्री श्रीराम अरवाकर ने प्रधानाचार्यों से कहा कि कोरोना काल में शैक्षिक कार्यों में अनेक बाधाएं आई, लेकिन उन बाधाओं को समाप्त कर सभी ने अपने प्रयासों से अपने विद्यालयों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन शिक्षण देकर उन बाधाओं को दूर किया। वर्तमान समय में अब नई शिक्षा नीति के अनुसार शिक्षण में अनेक प्रकार के नवीन प्रयोग द्वारा विद्यार्थियों में शिक्षण के प्रति रुचि पैदा हो सके, यह प्रधानाचार्य कार्य योजना बैठक का उद्देश्य रहेगा।
कार्यक्रम में पश्चिमी उप्र के सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के लगभग एक सौ प्रधानाचार्य मौजूद रहे। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार सैनी ने सभी प्रांतीय व क्षेत्रीय अधिकारियों का परिचय कराया ।विद्यालय के प्रबंधक गुलशन राय, आचार्य आशीष जैन, संजीव बालियान, सुधीर कुमार ,सैनी, सुनील कुमार, शिवकुमार धीमान, रवि गौड़, करुणकांत शर्मा आदि मौजूद रहे। कार्यक्रम का समापन एक मई को होगा।