प्रेस वार्ता करते सांसद हुकम सिंह।
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शामली के कैराना पलायन प्रकरण में संतों के दल की जांच पर भाजपा सांसद हुकुम सिंह ने सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि मुझे तो उनके संत होने पर ही संदेह है। वहीं, संपत्ति की जांच के मामले में सांसद का कहना है कि जांच करने वाले अधिकारियों की संपत्ति की जांच भी करा ली जाए।
बृहस्पतिवार को नगरपालिका सभाकक्ष में पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि सपा सरकार की तरफ से भेजे गए संतों के दल ने जांच रिपोर्ट में आठ बिंदु उठाए। उसमें संतों ने कहा कि जब हुकुम सिंह मंत्री थे, तब 130 परिवार कैराना से पलायन कर गए। इससे स्पष्ट होता है कि कैराना से पलायन हो रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासन की रिपोर्ट में तीन परिवारों के पलायन की बात कही जाती है, जबकि पांच राजनीतिक पार्टियों की टीम सहित अन्य नेताओं ने भी कैराना की कानून व्यवस्था खराब बताई है।
सांसद का कहना है कि हमने भी यही कहा है कि कैराना में कानून व्यवस्था चौपट है, जिस कारण पलायन हुआ।
कहा कि मैं संतों के दल की जांच रिपोर्ट से कतई सहमत नहीं हूं। सपा नेता के कहने पर आए संतों के दल ने डेढ़ घंटे में ही पलायन का सच कैसे जांच लिया, यह चौंकाने वाली बात है। जबकि मानवाधिकार आयोग की टीम को जांच करने में तीन दिन लग गए। सांसद का कहना है कि पलायन प्रकरण के सहारे सांप्रदायिकता फैलाने की बात करने वाले लोग गलत हैं, उन्होंने कभी ऐसा प्रयास नहीं किया।
इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष पवन तरार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग, नरेंद्र अग्रवाल, डॉक्टर मनोज शर्मा, पुनीत द्विवेदी, हरवीर मलिक, सूर्यवीर सिंह, पवन बजरंगी आदि मौजूद रहे।