शामली। जिले के लोगों को भी मेरठ, मुजफ्फरनगर आदि जिलों की तरह ही एक्यूआई का एक क्लिक पर पता लग सकेगा। इसके लिए प्रदूषण नियंत्रण विभाग के अधिकारियों ने आलाधिकारियों को कंटीनुअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन स्थापित करने के लिए प्रस्ताव भेजा है, जिसमें तीन करोड़ रुपये का खर्च आएगा। अनुमति मिलते ही स्टेशन लगाने का कार्य शुरू करा दिया जाएगा।
शामली को वर्ष 2011 में जिले का दर्जा मिला था। 13 साल बाद भी अभी तक एक्यूआई यानी वायु गुणवत्ता सूचकांक मापने की जिले में कोई सुविधा नहीं है। विभागीय अधिकारी मैनुअल तरीके से सप्ताह में दो से लेकर तीन बार एक्यूआई मापने का दावा करते हैं। शुगर मिल में मैनुअल मशीन को लगाकर एक्यूआई मापा जाता है।
क्षेत्रीय प्रदूषण नियंत्रण अधिकारी अंकित सिंह का कहना है कि कंटीनुअस एंबिएंट एयर क्वालिटी मॉनीटरिंग स्टेशन स्थापित करने की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है। प्रस्ताव बनाकर भेजा है। जल्द ही लखनऊ से टीम आकर शामली में जायजा लेगी, इसके बाद जमीन का चयन कर स्टेशन को शुरू कराया जाएगा। (संवाद)