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Shamli News: पारिवारिक पेंशन गड़बड़ी प्रकरण में पूर्व लिपिक समेत दो को नोटिस जारी

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-इस मामले में एक लिपिक पर हो चुकी है निलंबन की कार्रवाई
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संवाद न्यूज एजेंसी
शामली। नगरपालिका शामली में पारिवारिक पेंशन में गड़बड़ी के प्रकरण में अधिशासी अधिकारी ने पूर्व लिपिक समेत दो कर्मचारियों को नोटिस जारी किए हैं। पूर्व लिपिक को स्पष्टीकरण देने के साथ ही रिकवरी नोटिस जारी किया गया है। वहीं वर्तमान में पेंशन का काम देख रहे कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। इसके अलावा प्रकरण में एक लिपिक को निलंबित किया जा चुका है।
नगरपालिका के वार्ड सभासद अनिल उपाध्याय, निशिकांत संगल और रेलपार निवासी शैलेंद्र निर्वाल द्वारा डीएम से इस मामले की शिकायत किए जाने के बाद पालिका अधिकारियों व कर्मचारियों में खलबली मची है। डीएम ने तहसीलदार को इस प्रकरण की जांच सौंपी है। इस प्रकरण में जांच पूरी होने से पहले ही अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह की संस्तुति पर पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल ने लिपिक प्रदीप कुमार को निलंबित कर दिया था। निलंबन की कार्रवाई करने से पहले लिपिक प्रदीप कुमार को न तो कोई नोटिस जारी किया गया और न ही उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया।
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पालिका के अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह ने बताया पारिवारिक पेंशन जारी करने में गड़बड़ी 2018 से होना सामने आया है। उस समय पूर्व लिपिक सुखपाल शर्मा पारिवारिक पेंशन का काम देख रहे थे। सुखपाल शर्मा जून 2020 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं। उनके कार्यकाल में भी पारिवारिक पेंशन गलत तरीके से जारी की जा रही थी। इस वजह से पूर्व लिपिक सुखपाल सिंह को रिकवरी नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। स्पष्टीकरण संतोषजनक न होने पर उनकी पेंशन से रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी। सुखपाल के सेवानिवृत्त होने के बाद लिपिक प्रदीप कुमार पारिवारिक पेंशन का काम देख रहे थे। सितंबर 2023 तक प्रदीप कुमार ने पारिवारिक पेंशन का काम देखा। इसके बाद से अमित कुमार को पारिवारिक पेंशन का कार्य दिया गया। वर्तमान में भी अमित कुमार ही पेंशन का काम देख रहे हैं। अमित कुमार को भी कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए स्पष्टीकरण देने को कहा गया है। अधिशासी अधिकारी का कहना है कि प्रदीप कुमार ने पारिवारिक पेंशन में गड़बड़ी के मामले में प्रथम दृष्टया दोषी मानते हुए निलंबन की कार्रवाई की है। इस मामले की जांच की जा रही है। जांच में अगर दोषी पाए जाते हैं तो आरोप पत्र जारी किया जाएगा। इसके बाद उन्हें नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। माना जा रहा है कि प्रशासन की जांच शुरू होने पर अपनी जवाबदेही से बचने के लिए अधिकारियों ने लिपिक को निलंबित करने व कर्मचारियों को नोटिस जारी करने की कार्रवाई की है।
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जीवित प्रमाण पत्र मांगे जाने पर गड़बड़ी आई सामने
नगरपालिका के अधिशासी अधिकारी रामेंद्र सिंह का कहना है कि नवंबर माह में उन्होंने पारिवारिक पेंशनधारकों के सत्यापन के लिए जीवित होने का प्रमाण पत्र मांगा गया था। इसके बाद दो मृतकों के खाते में पेंशन जारी होने का पता चला। वहीं कई लोगों के खाते में निर्धारित पेंशन से ज्यादा धनराशि भेजे जाने का मामला पकड़ में आया। इसके बाद जिनके खातों में गलत तरीके से धनराशि भेजी गई या ज्यादा धनराशि गई, उनसे रिकवरी के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।
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