निजी डाक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज
शामली। शहर के मोहल्ला नानूपुरा निवासी महिला ने निजी डाक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। आरोप है कि चार माह पूर्व इलाज में लापरवाही के कारण महिला के पति की मौत हो गई थी।
शहर कोतवाली में मोहल्ला नानूपुरा निवासी शहनाज की तरफ से दर्ज कराई गई रिपोर्ट में बताया कि उनके पति मेहरबान टायर स्क्रैप की फेरी का कार्य करते थे। गत वर्ष दो सितंबर को उनके पति को बुुुखार आने पर उन्होंने मोहल्ले में निजी चिकित्सक डा. अनीस मलिक के पास लेकर गई, तो डाक्टर ने खून की जांच कराने के लिए नौकुआं रोड स्थित पैथोलॉजी पर फोन कर युवक को रक्त का सैंपल लेने के लिए बुलाया। डाक्टर ने जांच रिपोर्ट में टाइफाइड बुखार बताकर उसके पति को दवा देकर भेज दिया। कई दिन तक दवा खाने के बाद उनके पति की हालत ठीक होने के बजाय और बिगड़ गई। इसके बाद उन्होंने दूसरे डाक्टर के यहां दिखाया, तो उन्होंने गंभीर हालत बताते हुए छह सितंबर को हायर सेंटर रेफर कर दिया। उनके पति को मेरठ के अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां जांच आदि में पता चला कि उन्हें डेंगू बुखार था। पीड़िता के मुताबिक सात सितंबर को उपचार के दौरान उनके पति की मौत हो गई। पीड़िता ने इस मामले में कार्रवाई की मांग की। कोतवाली प्रभारी सुभाष सिंह राठौर ने बताया कि इस मामले की स्वास्थ्य विभाग द्वारा जांच कराई गई थी। जांच रिपोर्ट और पीड़िता की तहरीर के आधार पर आरोपी डाक्टर के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है।
जांच में डिग्री नहीं दिखा पाए डाक्टर
एसीएमओ डा. एके हांडा ने बताया कि डा. अनीस मलिक पर डिग्री नहीं होने की शिकायत मिली थी, जिसकी जांच की गई थी। जांच के दौरान डाक्टर डिग्री संबंधी कोई कागज प्रस्तुत नहीं कर सके थे। इस मामले मेें कार्रवाई की संस्तुति करते हुए रिपोर्ट कोतवाली पुलिस को रिपोर्ट भेजी गई थी।