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नो पीयूसीसी, नो फ्यूल : कहीं पालन, कहीं सिर्फ बैनर

Sat, 03 Oct 2026 12:23 AM IST
मेरठ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, शामली
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शहर के दिल्ली रोड पर बस अड्डे के पास बिना प्रदूषण चेक किए पेट्रोल देते कर्मचारी। संवाद
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शामली। शासन के एक अक्तूबर से लागू नो वैलिड पीयूसीसी, नो फ्यूल के आदेश का जिले में मिला-जुला असर रहा। शामली शहर में कई पेट्रोल पंपों पर केवल जागरूकता बैनर लगे मिले और वाहन चालकों से प्रदूषण प्रमाणपत्र पूछे बिना पेट्रोल-डीजल भरा गया। वहीं थानाभवन में पेट्रोल पंपों पर प्रमाणपत्र की जांच की गई।
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शहर में गुरुद्वारा के सामने स्थित पेट्रोल पंप पर बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र देखे बाइक में पेट्रोल भरा गया। कर्मचारी ने बताया कि अभी वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है, जल्द ही सख्ती की जाएगी। धीमानपुरा फाटक और दिल्ली रोड स्थित बस अड्डे के पास पेट्रोल पंप पर भी बिना प्रमाणपत्र पूछे पेट्रोल भरते देखा गया।

थानाभवन में छह पेट्रोल पंपों पर कर्मचारियों ने प्रदूषण प्रमाणपत्र देखने के बाद पेट्रोल देना बताया। कैराना में तीन पेट्रोल पंपों पर बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र देखे पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। नगर में प्रदूषण जांच केंद्र नहीं होने से वाहन चालकों को प्रमाणपत्र बनवाने में परेशानी हो रही है। चालकों ने जांच केंद्र शुरू कराने की मांग की।
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चौसाना के जिजौला स्थित जनता फिलिंग स्टेशन पर वाहन चालकों से प्रदूषण प्रमाणपत्र मांगा गया। चौपहिया चालकों के पास प्रमाणपत्र मिले, जबकि अधिकांश दोपहिया चालकों के पास प्रमाणपत्र नहीं था। कर्मचारियों ने प्रमाणपत्र बनवाने की चेतावनी देते हुए पेट्रोल दिया।
ऊन के तीन पेट्रोल पंपों पर बिना प्रदूषण प्रमाणपत्र देखे पेट्रोल-डीजल दिया जा रहा है। वाहन चालक विक्की और वेदपाल ने बताया कि कस्बे में प्रदूषण जांच केंद्र नहीं होने से प्रमाणपत्र बनवाने में परेशानी हो रही है।

जलालाबाद के रमा पेट्रोल पंप के मैनेजर अकबर खान ने बताया कि कुछ दिन पहले पॉल्यूशन एप का ट्रायल हुआ था, जो बाद में बंद हो गया। अभी तेल कंपनी या अधिकारियों की ओर से कोई नया आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने पर उसी के अनुसार कार्रवाई की जाएगी।

प्रदूषण जांच केंद्रों पर बढ़ी भीड़, तकनीकी दिक्कत बनी परेशानी

दिल्ली रोड स्थित प्रदूषण जांच केंद्र संचालक अंकुर ने बताया कि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए वाहन चालकों की संख्या बढ़ी है। हालांकि कुछ वाहनों के प्रमाणपत्र तकनीकी कारणों से नहीं बन पा रहे हैं। सेल लेटर से खरीदी गई बाइकों में मोबाइल नंबर दर्ज नहीं होने से ओटीपी नहीं आ रहा है। वहीं सामान्य नंबर प्लेट वाले कुछ वाहनों का भी प्रमाणपत्र नहीं बन पा रहा है, जिससे वाहन चालकों को लौटना पड़ रहा है।
जल्द ही अभियान चलाते हुए आदेश का पालन कराया जाएगा। लापरवाही बरतने वाले संचालक व वाहन चालक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। - अंकुर यादव, जिला पूर्ति अधिकारी, शामली
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