कैराना। यमुना पर पक्का घाट नहीं होने और खनन के कारण 10 से 20 फीट तक गहरे गड्ढे बने हुए हैं। पानी के नीचे की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाने से स्नान करने वाले लोग लगातार हादसों का शिकार हो रहे हैं।
1 5 जून 2026 को सोमवती अमावस्या पर पानीपत निवासी 15 वर्षीय शुभम की यमुना में डूबने से मौत हो गई थी। 10 अक्तूबर 2024 को पानीपत के शिव चौक सब्जी मंडी निवासी 12 वर्षीय अर्जुन और 22 वर्षीय साहिल की यमुना में डूबने से मौत हुई थी। 14 अगस्त 2024 को पानीपत के गांव खोतपुरा निवासी 17 वर्षीय सुमित, 18 वर्षीय सुडेंसी उर्फ सुमित और 17 वर्षीय नितेश की यमुना में डूबने से मौत हुई थी। 12 जुलाई 2024 को पानीपत के विद्यानंद नगर कॉलोनी निवासी प्रिंस और विकास की भी यमुना में डूबने से मौत हो गई थी।
पिछले साल सपा सांसद इकरा हसन ने यमुना पर पक्का घाट बनवाने की मांग की थी, लेकिन अभी तक समाधान नहीं हुआ। आम लोगों का कहना है कि यमुना पर पक्का घाट बनवाने के साथ सुरक्षित स्नान की व्यवस्था किया जाना बेहद जरूरी है। डीएम आलोक यादव का कहना है कि पक्का घाट के लिए अधिकारियों से वार्ता कर प्रस्ताव भिजवाया जाएगा।