शामली में गांव काबड़ौत स्थित सर्वयूपी ग्रामीण बैंक शाखा पर ग्राहकों ने जमकर हंगामा किया। ग्राहकों ने शाखा प्रबंधक से हाथापाई तक कर दी। आरोप है कि बैंक
मैनेजर अपने परिचितों को नोट एक्सचेंज करके दे रहा है, अन्य ग्राहकों को लौटाया जा रहा है।
हस्पतिवार सुबह करीब साढे़ दस बजे काबड़ौत स्थित सर्वयूपी बैंक शाखा पर ग्राहकों की भीड़ पहुंची। ग्राहकों का कहना था कि बुधवार को बैंक में कैश आया था, लेकिन बैंक मैनेजर ने किसी भी ग्राहक को पैसा नहीं दिया तथा नो करेंसी की बात कहकर लौटा दिया। इसके अलावा बैंक शाखा पर जन धन योजना के खातों में पांच सौ और एक हजार रुपये के नोट जमा नहीं करने का नोटिस भी चस्पा कर दिया। इसको लेकर ग्राहकों ने जमकर हंगामा प्रदर्शन किया। बैंक शाखा प्रबंधक ने विरोध किया, तो ग्राहकों से हाथापाई की नौबत तक आ गई। हालांकि गांव के जिम्मेदार लोगों ने मामला शांत करा दिया। उधर, शाखा प्रबंधक राजेश कुमार मीणा का कहना है कि ग्राहक बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं। बैंक में करेंसी पहुंच नहीं रही, जिस कारण किल्लत हो रही है।
शहर के अधिकांश बैंक शाखाओं में बृहस्पतिवार दोपहर तक कैश समाप्त हो गया। बैंक कर्मियों ने नो करेंसी कहकर ग्राहकों को लौटाना शुरू कर दिया, जिस पर ग्राहकों ने कई जगह हंगामा भी किया। वहीं, अधिकांश एटीएम पर भी कैश की किल्लत रही, जिससे ग्राहकों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
गांव सिलावर निवासी गुड्डी और मंजू बृहस्पतिवार दोपहर वर्मा मार्केट स्थित इंडियन बैंक शाखा में रुपये जमा कराने पहुंची। गुड्डी के पास पांच पांच सौ के दो नोट और मंजू के पास चार नोट थे। दोनों महिलाएं अपने जन धन योजना के खाते में रुपये जमा कराना चाहती थीं, लेकिन बैंक कर्मियों ने रुपये जमा कराने से इंकार कर दिया।
गांव कुड़ाना के इलाहाबाद बैंक शाखा में एक सप्ताह पूर्व से किसानों की बैंक पासबुक जमा हैं। किसान रोजाना बैंक शाखा पहुंचकर रुपये निकलवाना चाहते हैं, मगर बैंक कर्मी कैश की किल्लत बताकर लौटा देते हैं। किसानों की 775 पासबुक बैंक शाखा में जमा हैं, उनमें से सिर्फ 175 खाताधारकों को ही पैसा दिया गया। कैश ने मिलने पर ग्राहकों ने नाराजगी जताई। किसान राजकुमार, नरेंद्र, फूल सिंह, धर्मेंद्र, जितेंद्र, शिवकुमार, रवि सिंह, विपिन, सुनील और सनसपाल का कहना है कि बैंक में पुराने पैसे जमा कराए थे, ताकि नई करेंसी लेकर खाद और बीज खरीदकर कृषि कार्य में इस्तेमाल कर सकें। लेकिन रुपये नहीं मिलने की वजह से बहुत परेशानी हो रही है।