शामली जिले की औद्योगिक इकाइयों से लेकर छोटे-बडे़ संस्थानों पर आग बुझाने के उपाय नहीं हैं। यहां स्थापित 80 फैक्ट्रियों में से एक पर भी दमकल विभाग की एनओसी नहीं है। खुद दमकल विभाग को भी इस बात की जानकारी नहीं है। सोमवार को एएसपी के सामने आई एक रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ है।
जिला तेजी से विकास कर रहा है। स्कूल बन रहे हैं और नई-नई फैक्ट्रियां लग रही हैं। नियम कहता है कि कोई भी व्यापारिक प्रतिष्ठान शुरू करने से पहले लाइसेंस के लिए दमकल विभाग से एनओसी लेनी चाहिए, उसमें चाहे स्कूल हो या फिर कोई भी औद्योगिक प्रतिष्ठान। इनमें दमकल विभाग आग से सुरक्षा के चलते सिलेंडर लगाता है और उसके बाद उनका हर वर्ष नवीनीकरण किया जाता है।
फायर विभाग द्वारा स्कूलों का तो नवीनीकरण किया जाता है, लेकिन जनपद में औद्योगिक इकाइयों का मामला चिंताजनक है। सोमवार को एसपी शामली के सामने रखी रिपोर्ट में इस बात का खुलासा हुआ किया जनपद में छोटी-बड़ी करीब 83 औद्योगिक इकाइयां हैं।
दमकल विभाग के पास इनके बारे में जानकारी तो है, लेकिन आज तक इनमें से चार-पांच फैक्ट्रियों की बात छोड़ दें तो अन्य किसी ने भी दमकल विभाग से एनओसी तक नहीं ली है। जबकि इनमें ज्यादातर फैक्ट्रियों में अत्यंत ज्वलनशील पदार्थ भी आते हैं।
ऐसे में यदि कहीं आग लगने की घटना होती है तो बड़ा नुकसान हो सकता है। एएसपी अनिल कुमार झा ने मामले को गंभीरता से लेते हुए शामली एफएसओ सुरेश पाल ढाका को ऐसी फैक्ट्रि को चिह्नित कर उनमें आग बुझाने के उपकरणों की जांच करने के आदेश दिए हैं।