शामली(ब्यूरो)। नगर निकायों में चेयरमैन और सभासद के चुनाव होने में अभी काफी समय बाकी है। मगर चुनाव लड़ने को आतुर महारथियों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। चेयरमैन के संभावित दावेदार जहां मुद्दों को तलाश रहे हैं तो सभासद के दावेदार घर-घर में पैठ बनाने में जुटे हैं। आलम यह है कि अभी से कुछ दावेदारों अपना प्रचार शुरू करा दिया है। अवसर किसी धार्मिक आयोजन का हो, या कोई त्यौहार हो, संभावित प्रत्याशियों ने अपना चेहरा चमकाने के लिए बैनर और पोस्टर लगाने भी शुरू कर दिए हैं।
शामली में भाजपा के दावेदारों की लंबी लाइन
वैसे तो स्थानीय निकाय चुनाव पार्टी बेस नहीं होते हैं। लेकिन शामली नगर पालिका परिषद में भाजपा के टिकट पर चेयरमैनी का चुनाव लड़ने के इच्छुक दावेदारों की लंबी लाइन है। शामली शहर में भाजपा की स्थिति मजबूत है। 2012 में स्थानीय निकाय चुनाव में भी भाजपा प्रत्याशी अरविंद संगल ने जीत दर्ज की थी। भाजपा नेताओं में कई नाम सुर्खियों में हैं जो चेयरमैन पद के लिए दावेदारी कर रहे हैं।
जिले में निकायों की स्थिति
जनपद में तीन नगर पालिकाएं हैं। इनमें शामली, कांधला और कैराना हैं। इसके अलावा सात नगर पंचायतें हैं। इनमें बनत, थानाभवन, जलालाबाद, गढ़ीपुख्ता, ऊन, झिंझाना और एलम है।
आरक्षण पर है सबकी नजरें
निकाय चुनाव लड़ने वाले दावेदार अपने हिसाब से चेयरमैन पद के आरक्षण का अनुमान भी लगा रहे हैं। किसी को उम्मीद है कि चेयरमैन का पद ओबीसी के लिए आरक्षित होगा तो वहां पर ओबीसी वाले उम्मीदवार दावेदारी कर रहे हैं। वहीं, कुछ नेताओं को यह भी उम्मीद है कि सीट महिला के लिए आरक्षित हो सकती है तो वह अपनी पत्नी या परिवार की किसी महिला को भी चुनाव लड़ाने की तैयारी में जुटे हैं।