शामली। नियमितीकरण और समान कार्य-समान वेतन समेत विभिन्न मांगों को मांगों को लेकर जनपद के 409 एनएचएम संविदा कर्मचारी दूसरे दिन शुक्रवार को भी हड़ताल पर रहे। संविदा कर्मियों ने सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया।
इस दौरान सरकारी अस्पतालों में टीकाकरण, पैथोलॉजी लैब में जांच व अन्य स्वास्थ्य सेवाएं बाधित रही। वहीं सीएचसओ के लखनऊ में चल रहे धरने में जाने के कारण जिले के 100 आयुष्मान आरोग्य मंदिरों पर ताले लटके रहे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों के मरीजों को सीएचसी व पीएचसी पर जाने के लिए मजबूर होना पड़ा।
मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. मनोज कुमार अखौरी ने बताया कि पीओसीटी के स्टाफ ने सैंपलों की जांच की। मरीजों को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए स्टाफ की व्यवस्था की गई है। प्रभारी सीएमओ डॉ. अतुल बंसल ने बताया कि सरकारी अस्पतालों व स्वास्थ्य केंद्रों पर नियमित चिकित्सकों व स्वास्थ्यकर्मियों द्वारा सभी मरीजों को बेहतर उपचार दिलाया जा रहा है। इमरजेंसी, डिलीवरी और आपरेशन जैसी सुविधाएं चल रही है।
ये सेवाएं रहीं बाधित
टीकाकरण, टीबी कार्यक्रम, आरबीएसके कार्यक्रम, ओपीडी सेवाएं, ब्लॉक प्रोग्राम मैनेजमेंट यूनिट, डाटा ऑपरेटिंग आदि।
इस तरह हुई परेशानी
गांव खेड़ीकरमू निवासी राशिदा ने बताया कि उसे बुखार के साथ खांसी है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद होने के कारण शामली अस्पताल में जाना पड़ेगा। गांव लिलौन निवासी मोहसिना ने बताया कि उसे नजला व शरीर में बदन दर्द की समस्या है। आयुष्मान आरोग्य मंदिर बंद होने से उसे निजी चिकित्सक से दवा लेनी पड़ेगी। सीएचसी शामली पर शामली निवासी व्यक्ति टीबी की दवा लेने पहुंचे। उन्हें दोपहर डेढ़ बजे दवा लेने के लिए आने को कहा गया।
गांव लिलौन में बंद पड़ा आयुष्मान आरोग्य मंदिर। संवाद