सीनियर लैब टेक्नीशियन के पद पर भी कोई नियुक्त नहीं है। इनके स्थान पर कुड़ाना सीएचसी पर तैनात सहायक लैब टेक्नीशियन को विभाग से संबद्ध किया गया है। इसके अलावा विभाग में वरिष्ठ लिपिक और कनिष्ठ सहायक लिपिक के भी पद रिक्त चल रहे हैं। विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी व स्वीपर की भी नियुक्ति अभी नहीं हो पाई है।
पिछले साल बढ़े मलेरिया के केस
जिले में पिछले साल 2022 में मलेरिया के 92 केस सामने आए थे। जबकि 2021 में 57 केस मलेरिया के मिले थे। इस तरह से देखा जाए तो 2022 में मलेरिया के मामले ज्यादा आए। इस साल में ठंड के महीनों में भी मलेरिया के केस सामने आए हैं। जनवरी में एक और फरवरी माह में मलेरिया के दो केस सामने आ चुके हैं।
जिला मलेरिया विभाग में कई महत्वपूर्ण पद रिक्त चल रहे हैं। विभाग में नियुक्त स्टाफ व संसाधनों से मलेरिया को नियंत्रित रखने की पूरी कार्रवाई की जाती है। जहां से भी बुखार के केस होने की सूचना मिलती है। वहां पूरी टीम के साथ जाकर एंटी लार्वा कीटनाशक दवाओं का छिड़काव कराने के साथ ही मरीजों का उपचार व बुखार से बचाव के लिए लोगों को जागरूक किया जाता है। - डॉ. विनय कुमार, जिला मलेरिया अधिकारी।