शामली के माजरा रोड पर प्राथमिक स्कूल में बगैर किताबों के पढ़ाई करते बच्चे।
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शामली में बेसिक शिक्षा विभाग की प्रथम सत्र की परीक्षाएं आधी अधूरी तैयारियों के बीच शनिवार से शुरू होने जा रही है। छात्र-छात्राओं को न तो अभी तक सभी विषयों की किताबें उपलब्ध कराई जा सकी और न ही शिक्षक कोर्स पूरा करा सकें है। ऐसे में छात्र मौखिक और लिखित परीक्षाओं में कैसे अच्छे अंक ला पाएंगे? यह सवाल बच्चों और उनके अभिभावकों को भी परेशान कर रहा है।
बेसिक शिक्षा परिषद ने भी कान्वेंट और मांटेसरी स्कूलों की तरह ही परिषदीय स्कूलों में सत्र परीक्षाएं शुरू कराई है। मगर, जो तैयारियां कान्वेंट और मांटेसरी स्कूलों में है, उनके सापेक्ष परिषदीय स्कूलों में कोई तैयारियां ही नहीं है। एक तरफ जहां कान्वेंट स्कूलों के छात्र-छात्राएं एक अप्रैल से ही नई किताबों के साथ अध्ययन कर रहे है और उनका आधा कोर्स समाप्त हो चुका है। वहीं, परिषदीय स्कूलों में अभी तक छात्र-छात्राओं को नि:शुल्क मिलने वाली पाठ्य पुस्तकें ही उपलब्ध नहीं हो सकी है। शिक्षक भी अभी तक स्कूल चलो अभियान, मतगणना में ड्यूटी और अन्य कार्यक्रमों में व्यस्त रहे है। इससे कोर्स भी परीक्षा के अनुसार पूरा नहीं हो सका है। विभाग ने कार्यक्रम जारी कर परीक्षाओं का एलान कर दिया है। ऐसे में छात्र-छात्राएं किस आधार पर परीक्षा देंगे? यह समझ नहीं आ रहा है। परीक्षा एक सितंबर से सात सितंबर तक चलेगी।
कक्षा छह और अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में नहीं पहुंची कोई भी किताब
अभी तक जनपद में केवल उच्च प्राथमिक स्कूलों में कक्षा सात और आठ का पाठ्यक्रम ही पहुंचा है। वहीं, शिक्षकों को अंग्रेजी और विज्ञान की पुरानी किताबें भी पढ़ाने का कोई लाभ नहीं हुआ है। शिक्षक सुधीर और अमित ने बताया कि दोनों ही विषय की किताबों में 75 प्रतिशत पाठ बदले हुए है। जबकि कक्षा छह में अभी तक किसी भी विषय की किताब नहीं पहुंची है। ऐसे में बच्चों को कैसे पढ़ाया जाए। प्राथमिक स्कूल के प्रधानाध्यापक प्रहलाद ने बताया कि अभी तक भी जनपद में चयनित हुए अंग्रेजी माध्यम से संचालित 40 स्कूलों में भी किसी भी विषय की किताब नहीं पहुंच सकी है। इस कारण समझ नहीं आ रहा है कि बच्चों को कैसे पढ़ाए? ऊपर से परीक्षा कार्यक्रम भी घोषित हो गया है। बिना किताब पढ़े बच्चें कैसे लिखित व मौखिक परीक्षाओं में सफल हो सकेंगे।
सभी प्रधानाध्यापकों को पहले ही बता दिया था कि पुरानी किताबें छात्राओं की जमा करा ली जाएं। जब तक नई किताबें उपलब्ध हो तब तक पुरानी किताबों से ही अध्ययन कराया जाएं। अभी कुछ कक्षाओं की किताबें ही उपलब्ध हो सकी है। अन्य कक्षाओं की किताबें भी आने पर भिजवा दी जाएगी। -गीता वर्मा, बेसिक शिक्षा अधिकारी