जाम के बीच फंसा शहर का नेहरू मार्केट
शामली। दो महीने बाद अनलॉक-1 में जब बाजार खुले तो नेहरू मार्केट के व्यापारियों को कुछ राहत मिली। दो-तीन दिन तक व्यापार भी ठीक चला। इसके बाद जाम की शुरूआत हो गई। इस मार्केट में आने जाने के दोनों मुख्य रास्ते ही गन्ने से लदे वाहनों के कारण जाम रहने लगे। नतीजतन दुपहिया तो दूर पैदल निकलना भी मुश्किल हो गया। हालात ये हो गई कि मार्केट से ग्राहक गायब है। व्यापारियों के लिए लॉक या अनलॉक एक जैसा हो गया है। अमर उजाला टीम ने बृहस्पतिवार को शहर के नेहरू मार्केट का हाल जाना। पेश है एक रिपोर्ट...
बाइक तो दूर पैदल भी निकलना मुश्किल
नेहरू मार्केट में आने के मुख्य रूप से चार रास्ते हैं। शुगर मिल रोड, एमएसके रोड, मंडी मार्शगंज और मंडी जवाहर गंज की ओर से बाजार में आने जाने का रास्ता है। इन दिनों शुगर मिल रोड, एमएसके रोड पर गन्ने के वाहनों का जाम है। जबकि मंडी की ओर से आने वाले रास्तों पर भी दोपहर तक मंडी में भीड़ रहती है। वाहन खड़े रहते हैं, ऐसे में यहां से भी आने जाने का रास्ता अक्सर बंद रहता है और यही इस बाजार की सबसे बड़ी समस्या है। इस मार्केट में रेडीमेड गारमेंट, जनरल मर्चेट, लेडिज टेलरिंग का काम अधिक होने की वजह से इस बाजार में अधिकांश महिलाएं आती हैं, लेकिन जाम की वजह से वह भी आने से कतरा रही हैं। बाइक स्कूटी तो दूर पैदल भी निकलना मुश्किल है।
आज भी लॉकडाउन जैसी स्थिति
चार दिनों से ग्राहक नहीं है। महिलाएं जाम की वजह से नहीं आ रहीं। हालत ये है कि उनकी दो दुकानों की दुकानदारी जो पहले 20 हजार के करीब थी, अब पांच छह हजार पर आ गई है। उनके लिए लॉकडाउन खुलना ना खुलना एक जैसा है। उनके लिए तो आज भी लॉकडाउन सा ही है। - साधुराम संगल, रेडीमेड गारमेंटस
मंत्री से मिलकर बताई समस्या
लॉकडाउन के बाद से ही मार्केट में आने वाले सभी रास्ते जाम की वजह से लगभग बंद हैं। ग्राहक ही नहीं आ रहे। आधा भी काम नहीं रहा। इस समस्या को लेकर बुधवार को गन्ना मंत्री सुरेश राणा से मिले थे और पूरी जानकारी दी थी। उन्होंने भरोसा दिया है कि जल्द की समस्या का समाधान कराया जाएगा। - सतेंद्र जैन, कपड़ा व्यापारी
चार ग्राहक भी आने मुश्किल
दो महीने लॉकडाउन में बाजार बंद थे। अब खुले तो जाम के कारण ग्राहक नहीं आ रहे। तीन दिन से तो ये हालत है कि दिन में तीन चार ग्राहक भी मुश्किल आ रहे हैं। समस्या का समाधान जरूरी है। दिन में 10-11 बजे तक कुछ काम आता है, इसके बाद दोपहर में गर्मी की वजह से ग्राहक नहीं आते और पांच बजे दुकान बंद हो जाती है। - विजय जैन, घड़ी विक्रेता
बाजार आने से कतरा रही हैं महिलाएं
दुकान पर 70 फीसदी दुकानदारी महिला ग्राहकों की है। जाम की वजह से महिलाएं आने से कतरा रही हैं। उनकी स्कूटी निकलने का रास्ता ही नहीं है। इतनी गर्मी में कोई पैदल भी नहीं आना चाहता। चार दिन से तो दुकान खुली या ना खुली बराबर है। - रुचिन मित्तल, कॉस्मेटिक व्यापारी
नहीं आ रहा काम
महिलाएं, लड़कियां अपने कपड़े सिलवाने आती हैं, लेकिन जाम की वजह से उनकी स्कूटी नहीं आ पा रही है। जाम की वजह से पैदल आना भी मुश्किल है। हालत ये हो गई है कि दिन में मुश्किल से चार पांच ग्राहक भी नहीं आ रहे। - मुकेश सैनी, लेडीज टेलर
शहर की जान है नेहरू मार्केट
शहर की जान है नेहरू मार्केट। इस बाजार को शहर की जान भी कहा जाता है। शहर के बीचों बीच बसे इस बाजार में करीब 250 दुकानें हैं। इनमें अधिकांश डबल स्टोर हैं। पांच अच्छे रेडीमेड गारमेंट शोरूम और साड़ी सेंटर हैं। यहां पर मुख्य रुप से रेडीमेड गारमेंट, कपड़ा, जनरल स्टोर हैं। साथ ही टेलरिंग की भी काफी दुकानें हैं। इनमें कई लेडीज टेलर हैं। अधिकांश लोग परिवार के साथ शॉपिंग को आते हैं। महिलाएं साड़ी, सूट आदि लेकर यहीं पर टेलर के यहां सिलाई को देती हैं इसलिए यहां महिला ग्राहक अधिक होती हैं।
नेहरू मार्केट का औसतन अनुमानित प्रतिदिन कारोबार
लॉक डाउन से पहले अब
8000- 20,000 3000-12000
शामली गांधी चौक बाजार में ग्राहकों की लगी भीड़- फोटो : SHAMLI
शामली एमएसके रोड पर लगा गन्ने के वाहनों का जाम। इसी रोड से नेहरु मार्केट का भी रास्ता निकलता है।- फोटो : SHAMLI
शामली वीवी इंटर कॉलेज रोड पर गन्ने के वाहनों से लगा भीषण जाम- फोटो : SHAMLI
शामली कैराना रोड पर वाहनों से लगा जाम- फोटो : SHAMLI