शामली। श्रीमद्भागवत कथा के पांचवें दिन कथावाचक अरविंद दृष्टा महाराज ने कहा कि नारायण का नाम अति प्यारा है। वह अपनी कृपा सभी पर बनाए रखता है। नारायण ही मनुष्य को दुखों से पार लगा सकता है।
भारतीय विद्यार्थी संगम के तत्वाधान में हनुमान धाम पर चल रही श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक अरविंद दृष्टा महाराज ने कहा कि हर व्यक्ति मृत्यु से डरता है। जबकि मृत्यु ही सबसे बड़ा सच है। अज्ञान का नाम ही मृत्यु है। जब ज्ञान हो जाएगा, तो मृत्यु दिखाई नहीं पड़ेगी। केवल कल्याण दिखाई देगी।
अरविंद दृष्टा महाराज ने कहा कि अपने विकारों को दूर करके नारायण की भक्ति में लग जाओ। एक परमात्मा ही है, जो सबको ज्योति प्रदान करता है। जन्म से मृत्यु जुड़ी हुई है, दोनों से परे परमात्मा है। इस बात को ज्ञान प्राप्त करने के बाद ही समझा जा सकता है।
इस अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। इस दौरान राजीव बंसल, सुधीर सिंघल, दिव्य प्रभाकर, राजकुमार बालियान, अनिल संगल, अजय गर्ग, घनश्याम दास तायल, मनोज मित्तल, राजेन्द्र टाटा, साधना संगल, सुमन तायल, शिल्पी बंसल, शिवकुमार, कार्तिक बंसल आदि मौजूद रहे।