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म्यामांर के चारों युवकों और तीनों मदरसा संचालकों की कोर्ट में पेशी

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कैराना (शामली)। कस्बा जलालाबाद में अवैध रूप से रहने वाले म्यांमार निवासी चारों युवकों और उनकी मदद करने के आरोप में पकड़े गए तीन मदरसा संचालकों को कड़ी सुरक्षा में कैराना कोर्ट में पेशी पर लाया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में सातों आरोपियों की पेशी के बाद उन्हें वापस जेल भेज दिया गया। कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तारीख लगाई है।
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28 जुलाई को थानाभवन पुलिस ने जलालाबाद में रह रहे म्यांमार निवासी चारों युवकों के साथ तीन मदरसा संचालकों को गिरफ्तार किया था। सातों आरोपी मुजफ्फरनगर जेल में बंद है। बृहस्पतिवार को मुजफ्फरनगर जेल से बंदी रक्षक गाड़ी से सभी सातों आरोपियों को कैराना कोर्ट में पेशी पर लाया गया। म्यांमार निवासी अब्दुल मजीद( रोहिंग्या), नोमान अली, मो. रिजवान खान व मो. फुरकान हुसैन और जलालाबाद के मदरसे के संचालक मौलाना हफीयुल्ला, कारी अशरफ और वासिफ अमीन को मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया गया। कोर्ट में पेशी के बाद सभी सातों आरोपियों को पुन: जेल भेज दिया गया। आरोपी पक्ष के अधिवक्ता मो. मुस्तफा ने बताया कि कोर्ट ने सुनवाई के लिए 26 अगस्त की तारीख दी है।
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मदरसा संचालक की जमानत अर्जी खारिज
जिला शासकीय अधिवक्ता संजय चौहान ने बताया कि जलालाबाद मदरसे में 2016 से 2019 तक म्यांमार निवासी अब्दुल मजीद (रोहिंग्या) ने बतौर शिक्षक पढ़ाया था। आरोप है कि इस दौरान मदरसा संचालक वासिफ अमीन ने पुलिस को इसकी जानकारी नहीं दी थी। इस मामले में थानाभवन पुलिस ने म्यांमार निवासी युवकों के साथ तीन मदरसा संचालको के विरुद्ध मुकदमा दर्ज किया था। बृहस्पतिवार को जिला जज शिवमणि शुक्ला ने जलालाबाद के मदरसा संचालक वासिफ अमीन की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। उधर, मदरसा संचालक वासिफ अमीन के अधिवक्ता मो. मुस्तफा ने भी जमानत अर्जी खारिज होने की पुष्टि की है।
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