कांधला। वोट डालने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की सूचना पर पुलिस ने एक मकान पर छापा मारा। मकान में मौजूद महिलाओं की पुलिस से तीखी नोकझोंक हुई। मामले में पुलिस ने कई लोगों को हिरासत में लिया है।
शनिवार दोपहर पुलिस को किसी ने सूचना दी कि मुस्तफाबाद गांव में सलेमपुर रोड स्थित एक मकान में फर्जी तरीके से मतदान कराने के लिए फर्जी आधार कार्ड बनाए जा रहे हैं। इसके बाद नायब तहसीलदार, सीओ कैराना एनपी सिंह और उपनिरीक्षक दुष्यंत राणा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार मकान मालिक ने अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। पुलिस ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, तो महिलाएं बाहर निकर्ल आइं और पुलिस के साथ नोकझोंक हुई। महिला पुलिसकर्मी बुलाने के बाद जब सख्ती बरती गई तो महिलाएं शांत हुई।
इसके बाद मकान का दरवाजा खोला गया, लेकिन वहां से फर्जी आधार कार्ड बनाने संबंधी कोई दस्तावेज नहीं मिला। पुलिस वहां से कई युवकों को थाने ले आई। थानाध्यक्ष नरेश यादव का कहना है कि फर्जी आधार कार्ड बनाए जाने की सूचना मिली थी, लेकिन सबूत नहीं मिले।
फर्जी वोटिंग करते युवक को दौड़ाया
शामली। गांव लिसाढ़ के प्राथमिक विद्यालय में लगे पोलिंग केंद्र पर एक युवक द्वारा फर्जी वोटिंग का प्रयास किया गया, जिसका वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने विरोध किया तो उसने खुद को दिल्ली पुलिस का सिपाही बताते हुए हंगामा कर दिया। बाद में एसपी पहुंचे, तो उन्हें देख वह फरार हो गया। हालांकि पुलिस ने पीछा किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। इसके अलावा कई अन्य मतदान केंद्रों पर ही ऐसे मतदाता पहुंचे, जिन पर नाबालिग होने का संदेह जताते हुए पुलिस और अर्द्ध सैनिक बलों ने वापस लौटा लिया दिया।
तीन ग्रामीणों की मौत से हड़कंप
झिंझाना। गांव चौंदाहेडी निवासी बेदू की तीन दिन पूर्व संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने पर परिजनों ने उसका दाह संस्कार कर दिया। शुक्रवार की रात्रि में राम कुमार 40 वर्ष और ब्रहम सिंह 80 वर्ष की मौत होने पर ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जांच के लिए पहुंचे दरोगा सत्यपाल सिंह ने बताया सूचना पर गांव में पहुंचकर जांच की गई। इसमें राज कुुमार की मौत अधिक शराब पीने से होने की बात सामने आई है। जबकि वृद्ध की मौत बीमारी से हुई है। परिजनों ने तीनों शवों का अंतिम संस्कार कर दिया।
फायरिंग की सूचना से मचा हड़कंप
कांधला । भभीसा गांव से कुख्यात विपुल खूनी की मां प्रधान पद का चुनाव लड़ रही है। गांव में ही दूसरे पक्ष से उनकी रंजिश चल रही है। पुलिस प्रशासन ने भभीसा को अतिसंवेदनशील की श्रेणी में रखा था। शनिवार सुबह करीब 10 बजे सूचना फैली कि मतदान को लेकर दो पक्षों में फायरिंग हो गई है। इसके चलते एसपी और डीएम फोर्स के साथ गांव में पहुंचे। हालांकि वहां किसी ने भी फायरिंग होने की पुष्टि नहीं की।
अरे! तुम तो नाबालिग हो, घर जाओ
शामली। गांव खंदरावली में इंटर कॉलेज के मतदान केंद्र पर नाबालिग भी वोट डालने आते रहे। कोई राशन कार्ड लेकर पहुंच रहा था, तो कोई अपनी हाईस्कूल की मार्कशीट के साथ। मतदान केंद्र के गेट पर चेकिंग में लगे पुलिसकर्मियों ने ऐसे लोगों को लौटा दिया।
पहले काम, फिर मतदान
शामली। एक ओर जहां प्रत्याशियों में अधिक से अधिक वोटरों को मतदान केंद्र तक पहुंचाने की लालसा रही, तो ग्रामीणों ने पहले काम को तवज्जो दी। गांव खंदरावली में कृषि कार्य में व्यस्त ओमपाल, सहसपाल, सरोज से पूछा गया कि मतदान करने क्यों नहीं गए, तो बोले कि पहले चारा काट लें, तब जाएंगे। ऐसे कई अन्य ग्रामीणों से जब इस बाबत पूछा गया तो उन्होंने भी ऐसा ही जवाब दिया।
लड्डू खाओ, चाय पियो
शामली। गांव बलवा में एक मतदान केंद्र पर अलग ही नजारा देखने को मिला। दो युवक लड्डू, नमकीन और चाय लेकर मतदान केंद्र पहुंचे। मतदान कर्मियों को चाय नाश्ता कराने के साथ ही वोट डालने के लिए लाइन में लगे वोटरों को भी लड्डू खिलाए।
मेरा वोट किसने डाला
शामली। गांव बलवा के मतदान केंद्र पर फर्जी मतदान भी सामने आया। रमेश जब वोट डालने पहुंचा, तो पता चला कि उसकी वोट को पहले ही किसी ने डाल दी है। रमेश के भाई कृष्णपाल की वोट भी किसी ने फर्जी तरीके से डाल दी है।
हम भी हैं जोश में
शामली। काबड़ौत में 110 साल की कलावती को उनका पौत्र वोट डलवाने लाया, तो गांव भाज्जू में 100 साल के ओमपाल को उनके पौत्र ने वोट डलवाई। गांव के अन्य बुजुर्गों ने भी उत्साह के साथ लोकतंत्र के इस पर्व में बढ़चढ़ कर हिस्सेदारी की।