फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कामयाबी के लिए बच्चों का हौसला जरूर बढ़ाएं

विज्ञापन
शामली अमर उजाला अपराजिता द्वारा आयोजित ऑनलाइन सेमिनार में जानकारी देती डॉक्टर मृदुला जैन - फोटो : SHAMLI
विज्ञापन
कामयाबी के लिए बच्चों का हौसला जरूर बढ़ाएं
विज्ञापन

शामली। अमर उजाला फाउंडेशन एवं भारतीय जैन संघटना के तत्वावधान में आयोजित ऑनलाइन कार्यशाला में प्रशिक्षक डॉ मृदुला जैन ने प्रतिभागी लड़कियों के माता-पिता से कहा कि बच्चों का पालन-पोषण करना इतना आसान नहीं रह गया है। माता-पिता को अनेक चुनौतियों से गुजरना पड़ता है, तो बच्चे भी कई परेशानियों से गुजरते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों में जो काबिलियत है उसे बढ़ाने दें। अपने बच्चों की तुलना दूसरों से न करें। इससे बच्चों में हीन भावना पनपती है।
चार दिवसीय कार्यशाला के अंतिम दिन का शुभारंभ भारतीय जैन संघटना के पश्चिमी उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मोहित जैन ने किया। कार्यशाला में शामिल हुए माता-पिता ने पूछा कि बच्चे जब हमसे झूठ बोले तो हम क्या करें। इस पर प्रशिक्षक डॉ मृदुला जैन ने जवाब दिया कि यदि बच्चा आपसे झूठ बोलता है तो आप सबसे पहली बार उसे डांटें नहीं। उसे समझाएं कि झूठ बोलने से कोई फायदा नहीं होता। सच बोलने के लिए उसे प्रोत्साहित करें। क्योंकि सच बोलना झूठ बोलने से कहीं ज्यादा बेहतर है। माता-पिता ने पूछा कि बच्चे उनसे सारी बातें नहीं बताते। इस पर प्रशिक्षक ने कहा कि अपने बच्चों के साथ समय बिताएं। आधा घंटा बच्चों के साथ अकेले में बिताएं। उस मोबाइल, खाना-पीना या टीवी कुछ नहीं होना चाहिए। आप सभी अपनी-अपनी पूरे दिन की दिनचर्या और अपने बचपन के किस्से बच्चों के साथ शेयर करें। जब आप अपने बच्चों के साथ ऐसे रहेंगे तो बच्चे धीरे-धीरे खुद ब खुद अपनी बातें आपको बताने लगेंगे। लड़कियों के माता-पिता ने कहा आज के समय में लड़कियां, लड़कों को भी अपने दोस्त बनाती हैं, तो हम क्या करें। इस पर जवाब दिया कि लड़का दोस्त या लड़की दोस्त होने में कोई बुराई नहीं है, लेकिन आप उन सब बातों को स्वीकार करें और बेटी को बताएं कि अगर आप किसी भी दोस्त से बात करती हो तो हमसे छुपाए नहीं। जब आप उनके दोस्तों को स्वीकार करेंगे तो वे आपसे कुछ नहीं छिपाएंगे।
विज्ञापन
विज्ञापन

कार्यशाला में भाग लेकर काफी अच्छा रहा। जीवन में काम आने वाली अनेक चीजें सीखने को मिली हैं। इन्हें अपने जीवन में उतारने का पूरा प्रयास करूंगी।
- रिद्धि जैन।
----------
माता-पिता के साथ कार्यशाला में शामिल होकर जो झिझक थी वह समाप्त हो गई है। लड़कियों को चाहिए कि माता-पिता से कुछ न छिपाएं व उनसे खुलकर बात करें।
- नंदिनी खेड़ा।
--------
अमर उजाला और भारतीय जैन संघटना की कार्यशाला में प्रतिभाग कर उनका हौसला काफी बढ़ा है। कई चीजों को लेकर मन में जो डर था वह निकल गया है।
- मुस्कान दुआ।
----------
परिवार के लोगों से अच्छे संवाद, रिश्तों का महत्व आदि बिंदुओं पर अच्छी जानकारी मिली है। जीवन में इन सब चीजों का बढ़ा महत्व है।
- शिवानी।
फोटो...
हमें अपने माता-पिता से कोई भी बात छिपानी नहीं चाहिए। उनसे झूठ नहीं बोलना चाहिए। क्योंकि वही हमारे जीवन में सबसे बड़े हितैषी होते हैं।
- माही जैन।

अपराजिता ...माही जैन .- फोटो : SHAMLI

अपराजिता ...शिवानी- फोटो : SHAMLI

अपराजिता ...मुस्कान दुआ- फोटो : SHAMLI

अपराजिता ...नंदिनी खेड़ा- फोटो : SHAMLI

अपराजिता ...रिद्धि जैन- फोटो : SHAMLI

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें