शामली। सेना के सेवानिवृत्त आईजी विजय गर्ग ने कानपुर में हुई घटना को दुखद जताते हुए कहा कि पुलिस के हत्यारों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए जो एक नजीर बन सके।
1999 बैच के सेवानिवृत्त आईजी ने कहा कि कानपुर की घटना से हर कोई हतप्रभ है। ये घटना बहुत ही दुस्साहस भरी है। हालांकि पुलिस आरोपी को पकड़ने पूरी तैयारी के साथ फोर्स लेकर गई थी, लेकिन इसके बावजूद आरोपियों ने जिस ढंग से इस वारदात को अंजाम दिया है। उससे लगता है कि आरोपियों को पुलिस के आने का आभास हो गया होगा। उन्हें लगा होगा कि मुकदमा दर्ज हो चुका है तो पुलिस दबिश जरूर देगी। तभी उन्होंने पूरी तैयारी कर ली थी और पुलिस को जवाब देने को वह पूरी तरह से तैयार थे। इस तरह की वारदात अचानक होना मुश्किल है। इससे जाहिर है कि आरोपी पक्ष पहले से ही तैयारी से था। असलहे उनके पास थे। संभवत: सेमी ऑटोमेटिक हथियार से वारदात हुई है। हालांकि घटना स्थल पर तमाम बडे़ अधिकारी मौजूद है। जांच पड़ताल हो रही है, लेकिन जिस तरह आरोपियों ने इस वारदात को अंजाम दिया है वह बेहद निंदनीय है। यह पूरे समाज को दहलाने वाली है। इस तरह की वारदात करने वालों को भी इतनी सख्त सजा मिलने चाहिए जो समाज के लिए एक नजीर हो। ताकि कोई ओर इस तरह की वारदात करने की सोच भी ना सके। उन्होंने शहीद पुलिस कर्मियों को अपनी श्रद्धांजलि दी।