शामली। व्हाट्सएप वीडियो पर महिला से आपत्तिजनक बातचीत के मामले में घिरे पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल ने चुप्पी तोड़ दी और सभासद पर साजिश के चलते मनगढ़ंत (फैब्रिकेटेड) वीडियो वायरल कराने का आरोप लगाया है। लेकिन वीडियो वायरल होने पर उठे सवालों का कोई जवाब नहीं दिया है।
शनिवार को शामली के पालिकाध्यक्ष अरविंद संगल की एक महिला से आपत्तिजनक बातचीत और कुछ व्हाटसएप चैट सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसको लेकर संगल को लेकर तमाम सवाल खड़े करते हुए राजनीतिक गलियारे में चर्चाएं गर्म हो गईं।
संगल ने डेढ़ दिन की चुप्पी के बाद एक व्हाट्सएप मैसेज मीडिया को जारी कर अपनी चुप्पी तोड़ी, लेकिन मामले को राजनीतिक रंग देते हुए संगल ने इस वायरल वीडियो का ठीकरा भी अपने विरोधी सभासदों पर फोड़ दिया है। पालिकाध्यक्ष ने जारी मैसेज में कहा कि उन्होंने दो माह पहले ही इसकी आशंका जता दी थी।
एक सभासद के आरोपों को कोई तवज्जो नहीं मिली तो उनके चरित्र हनन के लिए यह कदम उठाया। उन्होंने षड्यंत्रकारियों के खिलाफ कार्रवाई कराने की भी चेतावनी दी है। लेकिन वीडियो में महिला से बातचीत को लेकर उठे किसी भी सवाल का संगल ने कोई जवाब नहीं दिया।
उधर, पालिकाध्यक्ष के राजनीतिक विरोध में चर्चा में आए सभासदों ने वीडियो वायरल होने से अपना कोई भी संबंध नहीं होने की बात कही है। सभासद अनिल उपाध्याय ने कहा है कि संगल जिस भी सभासद की बात कर रहे हैं, उसके नाम का खुलासा करें। नाम लेने में क्यों परहेज कर रहे हैं। उधर, एसपी रामसेवक गौतम का कहना है कि वीडियो वायरल प्रकरण की जांच कराई जा रही है।