हस्तिनापुर नगर पंचायत कर्मचारी शुभम वाल्मीकि की मंगलवार को ड्यूटी के दौरान सड़क हादसे में मौत के बाद बुधवार को कर्मचारियों में आक्रोश फैल गया। शुभम मेरठ जाते समय मसूरी के पास हादसे का शिकार हुए थे। हादसे में नगर पंचायत के दो अन्य कर्मचारी भी घायल हुए थे। मंगलवार शाम पोस्टमार्टम के बाद शुभम का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
सफाई कार्य का बहिष्कार कर धरने पर बैठे कर्मचारी
शुभम की मौत के बाद बुधवार को नगर पंचायत के सभी कर्मचारियों ने सफाई कार्य का बहिष्कार कर हड़ताल कर दी। कर्मचारी नगर पंचायत कार्यालय परिसर में धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों का कहना है कि शुभम ड्यूटी के दौरान हादसे का शिकार हुए, इसलिए उनके परिवार को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराना नगर पंचायत और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
50 लाख रुपये मुआवजा और एक सदस्य को नौकरी की मांग
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने मृतक शुभम के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही परिवार के किसी एक सदस्य को स्थायी नौकरी देने की मांग रखी गई। कर्मचारियों का कहना है कि हादसे के बाद परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
घायल कर्मचारियों के उपचार और आर्थिक सहायता की भी मांग
कर्मचारियों ने हादसे में घायल हुए नगर पंचायत के दो अन्य कर्मियों को भी उचित आर्थिक सहायता देने की मांग की। साथ ही उनका बेहतर उपचार कराने की मांग रखी गई।
‘ठोस आश्वासन तक बंद रहेगा सफाई कार्य’
नगर पंचायत के संजय जिनवाल, अक्षय टांक, नरेश टांक, दीपक, शीशपाल, नितिन, प्रदीप समेत अन्य कर्मचारियों का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर अधिकारियों की ओर से ठोस आश्वासन नहीं दिया जाता, तब तक सफाई कार्य बंद रहेगा।
हड़ताल से सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका
नगर पंचायत कर्मचारियों की हड़ताल के कारण हस्तिनापुर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका है। कर्मचारियों का कहना है कि मांगों पर समाधान होने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। खबर लिखे जाने तक अधिकारियों की ओर से कर्मचारियों से वार्ता का कोई प्रयास नहीं किए जाने की बात कही गई है।