शामली। पश्चिमी यूपी समेत कई राज्यों में आतंक का पर्याय बने मुकीम काला की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उससे राज उगलवाने में जुटी है।
पुलिस पता लगाने में जुटी है कि हरियाणा, पंजाब व यूपी में हत्याएं व डकैती की घटनाओं के बाद भी वह कैसे बचा रहा। शुरुआती पूछताछ में पुलिस को कुछ ऐसे लोगों के नाम मिले हैं, जिनके संपर्क में मुकीम काला लगातार रहा है। अब पुलिस इन लोगों को रडार पर लेकर कार्रवाई करने की तैयारी में है। इनमें कुछ सफेदपोशों के नाम भी पुलिस के सामने आए हैं।
सोमवार की रात एसटीएफ द्वारा लोनी बॉर्डर से मुकीम काला व उसके साथी साबिर की गिरफ्तारी के बाद आतंक के अध्याय का खात्मा हो गया है। पिछले करीब तीन सालों से मुकीम काला पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों की पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था। अब पुलिस लंबे समय तक मुकीम काला के बचे रहने का पता लगाने में जुट गई है।
मंगलवार को कैराना कोतवाली में प्रेसवार्ता के दौरान आईजी एसटीएफ सुुुजीत पांडे ने भी कुछ सफेदपोशों द्वारा मुकीम काला को पनाह देने की बात कही थी। इसके साथ ही अब स्थानीय पुलिस भी मुकीम काला का साथ देने वालों की तलाश में लग गई है। एसटीएफ व स्थानीय पुलिस की पूछताछ के दौरान भी मुकीम ने शामली व कैराना के लोगों के संपर्क में रहने की बात कबूली है।
एसपी विजय भूषण ने बताया कि पूछताछ के दौरान कुछ लोगों के नाम सामने आए हैं, जिन्होंने मुकीम की मदद की है। अब इन लोगों को रडार पर लेने की तैयारी है। इनमें कुछ सफेदपोशों के नाम भी सामने आए हैं।