फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सूरत-ए-हाल: सांसद ने गोद लिया फिर भी अनाथ है गांव, सड़कें बदहाल-सूखे नल, हर तरफ फैला जर्जर तारों का जाल

Thu, 29 Feb 2024 02:51 PM IST
मेरठ ब्यूरो महबूब अली, संवाद न्यूज एजेंसी, शामली

सार

गांव की सूरत सुधारने के लिए सांसद और विधायकों ने कई गांव गोद तो लिए लेकिन उनकी न सूरत बदली और न समस्याएं कम हुईं। उत्तर प्रदेश के शामली जनपद का किवाना गांव भी इसी श्रेणी का गांव है। इस गांव को भाजपा सांसद ने गोद लिया हुआ है, लेकिन आलम यह है कि ग्रामीण सैकड़ों समस्याओं से जूझ रहे हैं।
विज्ञापन
सांसद ने गोल लिया गांव बेहाल - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही लोग अपनी समस्याओं को भी लेकर बैठे हैं। कैराना लोकसभा सीट पर भाजपा सांसद प्रदीप चौधरी द्वारा गोद लिया गया किवाना गांव आज भी सुविधाओं से वंचित है। गांव में चारों और बदहाली के साथ जर्जर बिजली के तार, टूटी सड़कें दावों की हकीकत को बयां कर रही है।

विज्ञापन


गांव में 20 से अधिक हैंडपंप खराब हैं। गांव में खेल मैदान की मांग आज तक पूरी नहीं हो पाई है। टीम ने बुधवार को किवाना गांव में जाकर पड़ताल की तो इस तरह का नजारा देखने को मिला...

स्थान: शिव मंदिर के पास
यहां पर रणबीर, सुनील और, सहेंद्र अन्य ग्रामीण आपस में बैठकर बातें कर रहे थे। पूछने पर बताया कि सांसद प्रदीप चौधरी ने कुछ समय पूर्व ही गांव को गोद तो लिया था, मगर आज तक गांव में आकर देखा तक नहीं है। सड़कों किनारे नीचे रखे बिजली के ट्रांसफार्मरों के कारण कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। मगर कोई सुनवाई नहीं की जा रही।

विज्ञापन

किवाना गांव में पसरी गंदगी - फोटो : Amar Ujala
स्थान: शेख मोहल्ला
यहां पर करीब 40 मीटर से अधिक खड़ंजा टूटा पड़ा है, जिस पर जलभराव और कीचड़ है। सुंदर, तरसपाल ने बताया कि पिछले कई साल से गली में गंदगी का आलम है, मगर कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। मामले की शिकायत अब डीएम से करेंगे।

स्थान: गांव का चौराहा, सत साहेब आश्रम
यहां पर बिजली के टूटे तार बिजली के खंभों पर लटके हुए हैं, जो कभी भी हादसों का सबब बन सकते हैं। ग्रामीण सोहनवीर, मनोज ने कहा कि कई बार स्पार्किंग के बाद तार टूटकर गिरते रहते हैं।

किवाना गांव में पसरी गंदगी - फोटो : Amar Ujala
स्थान- गांव के बाहर खेल मैदान
खेल मैदान तक जाने के लिए सड़क पूरी तरह से टूटी है। रुपया स्वीकृत नहीं होने के कारण खेल मैदान का कार्य रुका पड़ा है। जिसके कारण गांव के खिलाड़ियों को फुटबाल और अन्य खेल की प्रैक्टिस में परेशानी हो रही है। इसके अलावा गांव के 20 से अधिक सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं।

बोले ग्रामीण
मनी मलिक का कहना है कि घर के आसपास पिछले काफी समय से कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिसके कारण बरसात में सबसे अधिक परेशानी होती है। सहेंद्रपाल का कहना है कि सांसद प्रदीप चौधरी ने गांव गोद जरूर लिया है लेकिन आज तक सांसद को हमने गांव में नहीं देखा। प्रमोद का कहना है कि गांव की गलियों में खड़ंजा निर्माण होना चाहिए।

यह भी पढ़ें: UP: जीवा हत्याकांड में कुख्यात बदन सिंह बद्दो के खिलाफ चार्जशीट दाखिल, कोर्ट के भीतर गोलियों से किया था छलनी

किवाना गांव में पसरी गंदगी - फोटो : Amar Ujala
वृद्ध पेंशन के लिए चक्कर काट रहे गांव के बुजुर्ग
केस-1: 
गांव के ग्रामीण रणवीर सिंह का कहना है कि कई बार वृद्ध पेंशन के लिए आवेदन कर चुका हूं, लेकिन आज तक वृद्ध पेंशन नहीं बन सकी है।

केस-2: साहब का कहना है कि अभी तक वृद्ध पेंशन नहीं बन सकी है। जिसके कारण परेशानी हो रही है। जल्द वृद्ध पेंशन बननी चाहिए।

केस-3: महिला जगबीरी और सुंदर का कहना है कि पांच माह से वृद्धा पेंशन के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही हूं, लेकिन पेंशन नहीं बनाई जा रही है।

किवाना गांव - फोटो : Amar Ujala
सड़कें समतल नहीं होने के कारण रहता है हादसों का खतरा
ग्रामीण संजीव का कहना है कि गांव में सड़कें समतल नहीं है। जिसके कारण हर समय हादसों का खतरा बना रहता है। रास्ते भी ऊंचाई पर है, जबकि कई घर नीचे है, जिसके कारण बरसात के समय ग्रामीणों को जलभराव होने पर परेशानी होती है।

किवाना गांव की आबादी- करीब 5 हजार
मतदाता : 3680 
गांव की पहचान : गांव का शिव मंदिर और ऐतिहासिक आश्रम सत साहेब। 

गांव में कांधला की तरफ से आने वाली सड़क जहां टूट चुकी है। वहीं गांव में कोई एटीएम या फिर बैंक तक नहीं है। खेल मैदान का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। सांसद ने गांव में आकर देखा तक नहीं है। सांसद को गोद लिए गांव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हालांकि, हमने अपने स्तर से कार्य कराए हैं। -पंकज मलिक, प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान

किवाना से कांधला और खेल मैदान तक सड़क जर्जर है। खेल मैदान में लाइट की मांग सांसद से दिल्ली जाकर की गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं की गई। सांसद आज तक गांव में नहीं आए। कम से कम एक बार तो सांसद को गांव में आकर सुध लेनी चाहिए थी। -ब्रजपाल सिंह, बीडीसी सदस्य किवाना
विज्ञापन

किवाना गांव निवासी मनी व प्रमोद - फोटो : Amar Ujala
सांसद ने किवाना गांव को गोद लेकर छोड़ दिया। गांव में जहां सड़कों की हालत ठीक नहीं है। वहीं गंदगी ओर नालियों का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। सांसद को गांव पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। - सुनील जाटव, जिला प्रभारी बसपा

सांसद ने किवाना गांव को नाम का ही गोद लिया है। जर्जर तार और टूटी सड़कों के कारण लोग परेशान है। गंदगी से स्कूली बच्चे जाने को मजबूर है। जल्द ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी -दीपक सैनी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस

आरोप बेबुनियाद
किवाना गांव में विकास कार्य नहीं कराने का आरोप बेबुनियाद है। करीब दो साल पहले मैं गांव में गया था। सांसद के गांव को गोद लेने का उद्देश्य उस गांव से बुराइयों को खत्म करना होता है। गोद लिए गांव के लिए कोई स्पेशल बजट जारी नहीं किया जाता। फिर भी किवाना में ओपन जिम से लेकर लाइटें लगवाई गई हैं। ग्रामीणों की मांग पर भी भी कार्य कराए गए हैं -प्रदीप चौधरी, सांसद कैराना लोकसभा
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें