किवाना गांव में पसरी गंदगी
- फोटो : Amar Ujala
स्थान: शेख मोहल्ला
यहां पर करीब 40 मीटर से अधिक खड़ंजा टूटा पड़ा है, जिस पर जलभराव और कीचड़ है। सुंदर, तरसपाल ने बताया कि पिछले कई साल से गली में गंदगी का आलम है, मगर कोई सुनवाई करने वाला नहीं है। मामले की शिकायत अब डीएम से करेंगे।
स्थान: गांव का चौराहा, सत साहेब आश्रम
यहां पर बिजली के टूटे तार बिजली के खंभों पर लटके हुए हैं, जो कभी भी हादसों का सबब बन सकते हैं। ग्रामीण सोहनवीर, मनोज ने कहा कि कई बार स्पार्किंग के बाद तार टूटकर गिरते रहते हैं।
किवाना गांव में पसरी गंदगी
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स्थान- गांव के बाहर खेल मैदान
खेल मैदान तक जाने के लिए सड़क पूरी तरह से टूटी है। रुपया स्वीकृत नहीं होने के कारण खेल मैदान का कार्य रुका पड़ा है। जिसके कारण गांव के खिलाड़ियों को फुटबाल और अन्य खेल की प्रैक्टिस में परेशानी हो रही है। इसके अलावा गांव के 20 से अधिक सरकारी हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं।
बोले ग्रामीण
मनी मलिक का कहना है कि घर के आसपास पिछले काफी समय से कूड़े का ढेर लगा हुआ है, जिसके कारण बरसात में सबसे अधिक परेशानी होती है। सहेंद्रपाल का कहना है कि सांसद प्रदीप चौधरी ने गांव गोद जरूर लिया है लेकिन आज तक सांसद को हमने गांव में नहीं देखा। प्रमोद का कहना है कि गांव की गलियों में खड़ंजा निर्माण होना चाहिए।
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किवाना गांव में पसरी गंदगी
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वृद्ध पेंशन के लिए चक्कर काट रहे गांव के बुजुर्ग
केस-1: गांव के ग्रामीण रणवीर सिंह का कहना है कि कई बार वृद्ध पेंशन के लिए आवेदन कर चुका हूं, लेकिन आज तक वृद्ध पेंशन नहीं बन सकी है।
केस-2: साहब का कहना है कि अभी तक वृद्ध पेंशन नहीं बन सकी है। जिसके कारण परेशानी हो रही है। जल्द वृद्ध पेंशन बननी चाहिए।
केस-3: महिला जगबीरी और सुंदर का कहना है कि पांच माह से वृद्धा पेंशन के लिए अधिकारियों के चक्कर लगा रही हूं, लेकिन पेंशन नहीं बनाई जा रही है।
सड़कें समतल नहीं होने के कारण रहता है हादसों का खतरा
ग्रामीण संजीव का कहना है कि गांव में सड़कें समतल नहीं है। जिसके कारण हर समय हादसों का खतरा बना रहता है। रास्ते भी ऊंचाई पर है, जबकि कई घर नीचे है, जिसके कारण बरसात के समय ग्रामीणों को जलभराव होने पर परेशानी होती है।
किवाना गांव की आबादी- करीब 5 हजार
मतदाता : 3680
गांव की पहचान : गांव का शिव मंदिर और ऐतिहासिक आश्रम सत साहेब।
गांव में कांधला की तरफ से आने वाली सड़क जहां टूट चुकी है। वहीं गांव में कोई एटीएम या फिर बैंक तक नहीं है। खेल मैदान का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। सांसद ने गांव में आकर देखा तक नहीं है। सांसद को गोद लिए गांव पर विशेष ध्यान देना चाहिए। हालांकि, हमने अपने स्तर से कार्य कराए हैं। -पंकज मलिक, प्रतिनिधि, ग्राम प्रधान
किवाना से कांधला और खेल मैदान तक सड़क जर्जर है। खेल मैदान में लाइट की मांग सांसद से दिल्ली जाकर की गई थी, लेकिन सुनवाई नहीं की गई। सांसद आज तक गांव में नहीं आए। कम से कम एक बार तो सांसद को गांव में आकर सुध लेनी चाहिए थी। -ब्रजपाल सिंह, बीडीसी सदस्य किवाना
किवाना गांव निवासी मनी व प्रमोद
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सांसद ने किवाना गांव को गोद लेकर छोड़ दिया। गांव में जहां सड़कों की हालत ठीक नहीं है। वहीं गंदगी ओर नालियों का निर्माण नहीं होने के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। सांसद को गांव पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है। - सुनील जाटव, जिला प्रभारी बसपा
सांसद ने किवाना गांव को नाम का ही गोद लिया है। जर्जर तार और टूटी सड़कों के कारण लोग परेशान है। गंदगी से स्कूली बच्चे जाने को मजबूर है। जल्द ग्रामीणों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस आंदोलन करने से भी पीछे नहीं हटेगी -दीपक सैनी, जिलाध्यक्ष कांग्रेस
आरोप बेबुनियाद
किवाना गांव में विकास कार्य नहीं कराने का आरोप बेबुनियाद है। करीब दो साल पहले मैं गांव में गया था। सांसद के गांव को गोद लेने का उद्देश्य उस गांव से बुराइयों को खत्म करना होता है। गोद लिए गांव के लिए कोई स्पेशल बजट जारी नहीं किया जाता। फिर भी किवाना में ओपन जिम से लेकर लाइटें लगवाई गई हैं। ग्रामीणों की मांग पर भी भी कार्य कराए गए हैं -प्रदीप चौधरी, सांसद कैराना लोकसभा