शामली। कुख्यात मुकीम काला और उसके बाद अलग गैंग बनाकर सक्रिय हुए फुरकान के मारे जाने के बाद पुलिस की नजर दोनों गिरोह के बचे हुए सदस्यों पर टिकी हुई है। पुलिस अधीक्षक नरेंद्र प्रताप सिंह के अनुसार मुकीम काला गैंग के अधिकांश सदस्य या तो जेल में बंद हैं या पुलिस कार्रवाई में मारे जा चुके हैं। पुलिस गिरफ्त से बाहर वालों की तलाश तेज की गई है।
एसपी नरेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि वर्ष 2021 में चित्रकूट जेल गैंगवार में मुकीम काला की मौत के बाद गिरोह की कमान उसके करीबी रिजवान ने संभाल ली थी। पुलिस की लगातार कार्रवाई के चलते गिरोह का नेटवर्क कमजोर पड़ा और अधिकांश सदस्य कानून के शिकंजे में आ गए। अब जो सदस्य पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं, उनकी तलाश में पुलिस और क्राइम ब्रांच की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
एसपी के अनुसार गैंग से जुड़े कुल 14 प्रमुख सदस्यों की पहचान की गई थी। इनमें दो बदमाश (मुकीम काला और अरशद) मारे जा चुके हैं, आठ सदस्य विभिन्न जेलों में बंद हैं, तीन सदस्य जेल से बाहर हैं, जबकि एक सदस्य लापता चल रहा है।
मुकीम काला गैंग पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार
कुल प्रमुख सदस्य – 14
एनकाउंटर/मौत – 2 (मुकीम काला, अरशद)
जेल में बंद – 8
जेल से बाहर – 3
पुलिस रडार से बाहर – 1
मौत : मुकीम काला, अरशद (बढ़ी माजरा)
जेल में : शेख जादानगर (तितरो), हैदर (तितरो), महताब (बलवा), नीरज (लांक), मुनसाद (खंद्रावली), बशर (हाजीपुरा) सहित अन्य सदस्य।
जेल से बाहर : रिजवान (जहानपुरा), हारून (बरनावी), आसिफ (खंद्रावली)।
पुलिस रडार से बाहर : फरमान (भूरा गांव)।