शामली। झिंझाना क्षेत्र में पुलिस मुठभेड़ में मारे गए एक लाख के इनामी फुरकान की पुलिस जांच में कई अहम जानकारियां सामने आई हैं। पुलिस के अनुसार फुरकान लूट और रंगदारी की वारदातों की आड़ में नशे का कारोबार भी चला रहा था। उसके सोशल मीडिया अकाउंट की जांच में नशा तस्करी से जुड़े कई लोगों के संपर्क में होने का खुलासा हुआ है।
पुलिस जांच में सामने आया है कि फुरकान पंजाब के अमृतसर, फिरोजपुर, असम के म्यांमार बॉर्डर क्षेत्र और उत्तर प्रदेश के बरेली से नशे की खेप मंगवाकर पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा में सप्लाई कराता था। इसके लिए उसने अपने परिवार के सदस्यों को भी इस धंधे में लगा रखा था। पुलिस के अनुसार फुरकान के तीन सोशल मीडिया अकाउंट मिले हैं। इनकी जांच में उसके संपर्क में कैराना के अलावा हरियाणा के पानीपत, सोनीपत और गुरुग्राम के कई लोग होने की जानकारी मिली है। पुलिस अब इन सभी संपर्कों की जांच कर रही है और नशे के नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश में जुटी है।
एसपी एनपी सिंह ने बताया कि फुरकान ने अपनी पत्नी रेशमा और रिश्तेदारों के माध्यम से नशे की बिक्री शुरू की थी। करीब एक वर्ष पूर्व उसकी पत्नी को भी नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार किया गया था, जो करीब पांच माह पहले ही जमानत पर बाहर आई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुरकान नशे के कारोबार से होने वाली कमाई का इस्तेमाल अपने आपराधिक नेटवर्क को मजबूत करने में करता था। नशे के धंधे की आड़ में वह रंगदारी और लूट की वारदातों को भी अंजाम देता रहा।
दाढ़ी रखकर खुद को हाफिज बताता था फुरकान
शामली। एसपी ने बताया कि पुलिस को भ्रमित करने के लिए फुरकान दाढ़ी रखता था और कंधे पर तौलिया रखकर चलता था। पंजाब और हरियाणा में रहने के दौरान उसने कई लोगों को खुद को हाफिज बताया था। वह कहता था कि वह मस्जिद में नमाज पढ़ाता है, जिससे लोग उस पर शक नहीं करते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि फुरकान पुलिस से बचने के लिए परिवार के साथ पंजाब में बसने की योजना बना रहा था। इसके लिए उसने तैयारी भी शुरू कर दी थी।
बैग से मिले कारतूस और कपड़े
शामली। पुलिस ने बताया कि मुठभेड़ के बाद घटनास्थल से फुरकान का बैग बरामद हुआ था। इसमें उसके कपड़ों के अलावा 30 से अधिक कारतूस मिले हैं। आशंका जताई जा रही है कि वह किसी वारदात को अंजाम देने की तैयारी में था। पुलिस बरामद सामान की जांच कर रही है।