शामली। बारिश के कारण जगह-जगह जलभराव होने से मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ गया है। जिले में अब तक मलेरिया के छह केस मिल चुके हैं जबकि डेंगू का अभी कोई केस सामने नहीं आया है। स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से सावधानी बरतने और मच्छरों को पनपने से रोकने व काटने से बचाव करने की सलाह दी है।
जिले में पिछले एक सप्ताह से हो रही बारिश ने मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ा दिया है। बारिश होने से जगह-जगह पानी जमा होने से मच्छर पनपने शुरू गए हैं। जिला मलेरिया विभाग की टीम को सतर्क किया गया है। विभाग की टीम गांवों में जाकर लोगों को साफ-सफाई रखने और घर के आसपास जलभराव न होने देने को लेकर जागरूक कर रही है। जिले में अब तक छह मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हो चुकी है। इनमें एक केस अप्रैल में और एक मरीज जून के आखिर में मिला था। जुलाई माह में चार मरीजों में मलेरिया की पुष्टि हुई है। जिला मलेरिया अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में मच्छरों के काटने से मलेरिया और डेंगू का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए जरूरी है मच्छरों को पनपने से रोकने के साथ काटने से बचाव करना चाहिए।
जिला अस्पताल में ही होगी। उन्होंने बताया कि सात जुलाई से अरबन एरिया में घर-घर जाकर लावा ब्रीडिंग की जांच की जा रही है। इसके लिए छह डोमेस्टिक ब्रीडर चेकर नियुक्त किए गए हैं। जहां पर लार्वा ब्रीडिंग पाई जाती है, उसे कीटनाशक का छिड़काव कर नष्ट कराया जा रहा है। साथ ही लोगों को जानकारी देकर जागरूक भी किया जा रहा है। यह अभियान 30 नवंंबर तक चलेगा।
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ये बरतें सावधानी
पूरे बदन को ढकने वाले कपड़े पहनें
सोते समय मच्छरदानी का इस्तेमाल करें
घर के आसपास जलभराव नहीं होने दें, यदि हो तो मिट्टी से पाट दें
नालियों की समय-समय पर सफाई करते रहें।
घर व उसके आसपास साफ-सफाई रखें।
बुखार होने पर चिकित्सक की सलाह से जांच और उपचार कराएं।
जिला अस्पताल में रही मरीजों की भीड़
शामली। रविवार की छुट्टी के बाद सोमवार को मरीजों की जिला अस्पताल में भीड़ रही। पर्चा बनवाने से लेकर ओपीडी में चिकित्सकों के कक्ष के बाहर मरीजों की कतारें लगी रही। सीएमएस डॉ. किशोर कुमार आहूजा ने बताया कि अस्पताल में अन्य दिनों की अपेक्षा करीब 200 मरीज ज्यादा रहें। ओपीडी में 1200 से ज्यादा मरीज आए। ज्यादातर मरीज बुखार, नजला, खांसी और एलर्जी के रहें। सभी मरीजों की जांच कर दवा उपलब्ध कराई गई।