उत्तर प्रदेश में शराब बंदी को लेकर आर्य समाज आंदोलन करने वाला है। 11 से 14 अगस्त तक गाजियाबाद से लखनऊ तक जन जागरूकता अभियान
चलाया जाएगा। 16 अगस्त को तहसील मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे।
बृहस्पतिवार को आर्य प्रतिनिधि सभा के प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र पाल वर्मा शामली पहुंचे। यहां धीमानपुरा स्थित आर्य समाज मंदिर में मीटिंग हुई। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि आर्य समाज ने हमेशा ही समाज सुधार की दिशा में कार्य किए हैं। कन्या भ्रूण हत्या और गोहत्या जैसे मुद्दों पर आंदोलन किया। आज समाज में बुराइयां फैलने की बड़ी वजह शराब बन गई है।
पंजाब जैसे संपन्न प्रदेश में नशाखोरी ने युवा पीढ़ी को बर्बाद कर दिया है। उन्होंने कहा कि गुजरात में 1947 से शराब पूरी तरह बंद है। वहीं, बिहार में शराब बंद हो चुकी है। शराब बंदी के कारण अपराध में भी गिरावट आई। उत्तर प्रदेश में भी शराब पर पूर्ण पाबंदी लगाने की जरूरत है। इस अनैतिक कारोबार क
वजह से वाहन दुर्घटनाएं, बीमारी और अपराध को बढ़ावा मिल रहा है।
प्रदेश में शराब बंदी के लिए आर्य समाज ने व्यापक आंदोलन चलाने का निर्णय किया है। इसके चलते 11 से 14 अगस्त तक गाजियाबाद से लखनऊ तक जागरूकता अभियान चलेगा। इसके बाद 16 अगस्त को सभी तहसील मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन दिए जाएंगे। 20 अगस्त को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपेंगे।
नौ सितंबर को लखनऊ में प्रदेश भर के आर्य समाज से जुड़े लोग धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपेंगे। इस दौरान रघुवीर सिंह आर्य, रविंद्र कुमार, बीरबल सिंह आर्य, अरविंद आर्य, पूरणचंद आर्य, राजेश मित्तल, मांगेराम आर्य, प्रदीप चौधरी, दिनेश आर्य आदि मौजूद रहे।