शामली। नोटबंदी से परेशान व्यापारी दुकान पर कम ब्रिकी से परेशान होकर शहर को कैशलेस बनाना चाहते है। जिसके चलते व्यापारियों ने कारोबार चौपट होने से बचाने के लिए ग्राहकों को कैश लेस सुविधा देने की तैयारी में लगे हुए है। जिसके चलते ज्यादातर व्यापारी बैंकों में स्वाइप मशीन लगवाने के लिए अलग बैंकों में करंट खाते खुलवाकर आवेदन कर चुके हैं, लेकिन बैंकों से मशीनें उपलब्ध नहीं कराई जा रही हैं।
शहर के व्यापारी आज नोटबंदी के कारण कैश की भयंकर दिक्कतों के चलते कैश लेस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं। जिसके लिए शहर के व्यापारियों ने जिसका जिस बैंक में करंट खाता है उनमें स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया हुआ है। व्यापारियों ने बताया कि पिछले एक महीने से नोटबंदी के चलते दुकान पर ग्राहक नहीं आ रहे हैं।
जिसके कारण सारा व्यापार चौपट हो गया है। अगर एक महीने भी यही स्थिति रह गई तो भूखा मरना पडे़गा। जिसके चलते व्यापार बचाने के लिए कैश लेस सुविधा का लाभ उठाना चाहते हैं। शहर के सभी बैंकों में किसी में 15 तो किसी में 10 आवेदन किए गए हैं। पिछले 10 से 15 दिनों से स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया हुआ है। लेकिन बैंक मशीनें नहीं भेजी जा रही है।
गारमेंट्स व्यापारी रवि और सचिन ने बताया कि बैंक में करंट खाता खुलवाकर आवेदन कर पूरी कागजी कार्रवाई पूरी कर दी है, लेकिन बैंक अधिकारियों से मशीन भेजने के लिए कहते हैं तो कह रहे हैं कि अभी फॉर्म नहंी चढ़ सके हैं। गिफ्ट विक्रेेता नवीन ने बताया कि पिछले 15 दिनों से एचडीएफसी व एसबीआई में खाता खुलवाकर आवेदन करते हुए सभी कार्य पूरा किया हुआ है। जिसके चलते हर दिन फोन करने के बाद कह दिया जाता है कि एक दो दिन में जरूर लग जाएगी।
उत्सव कॉस्मेटिक सेंटर के मालिक नीरज ने बताया कि पिछले दस दिनों से ग्राहकों की कमी के चलते स्वाइप मशीन के लिए आवेदन किया है लेकिन बैंक वाले आज कल करते हुए मशीन नहीं भेज रहे हैं। पंकज कहते हैं कि ग्राहक कार्ड लेकर दुकान पर आते हंै लेकिन मशीन नहीं होने के कारण वापस भेजना पड़ रहा है। वहीं बैंक अधिकारियों का कहना है कि मशीन के लिए ऑर्डर भेज रखा है जब आ जाएगी तो दे दी जाएगी।
उधर, चौसाना के पीएनबी में शुक्रवार को कैश नहीं पहुंचा। ग्राहकों में रोष व्याप्त हो गया और हंगामा किया। आरोप है कि बैंककर्मी जानते हैं कि रात से ही ग्राहक लाइन में लगते हैं और जब कैश नहीं आना था तो पहले से नोटिस बोर्ड लगा देना चाहिए था। कैश न मिलने पर 500 से ज्यादा ग्राहकों को मायूस होकर लौटना पड़ा। अपने काम और मजदूरी को छोड़कर बैंक से पैसा निकालने के लिए बैंकों की लाइन में लगते हैं। बैंककर्मियों की अभद्रता को भी सहन करना पड़ता है।