शामली। जिले में ब्लाॅक स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए उत्तर प्रदेश शासन की सालों बाद योजना परवान नहीं चढ़ पाई है। कांधला-बुढ़ाना मार्ग पर आटा गांव के पास आरक्षित दस बीघा भूमि पर करीब बीस साल बाद भी मिनी औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हो पाया है।
जिले में कंडेला औद्योगिक क्षेत्र वर्ष 1980 से पहला विकसित हो चुका है, जिसमें 150 से ज्यादा औद्योगिक इकाई काम कर रही है। कंडेला औद्योगिक क्षेत्र विकसित होने के बाद उत्तर प्रदेश शासन ने ब्लाॅक स्तर पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने के लिए कार्ययोजना बनाई थी। कांधला ब्लाॅक में कांधला-बुढ़ाना-खतौली मार्ग पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए दस बीघा भूमि जिला उद्योग केंद्र की ओर से उद्यमियों को लीज पर देने के लिए ऑफर की थी। विभाग के अधिकारियों की और से सालों बाद मिनी औद्योगिक क्षेत्र में दी गई भूमि पर उद्योग लगाने के लिए रुचि नहीं दिखाई गई।
आईआईए के राष्ट्रीय सचिव अशोक बंसल का कहना है कि तत्कालीन मुजफ्फरनगर के डीएम ने कंडेला औद्योगिक क्षेत्र के आटा गांव में औद्योगिक इकाई लगाने के लिए उद्यमियों को ऑफर की गई थी। जिला उद्योग बंधु की बैठक में ब्लाॅक स्तरीय मिनी औद्योगिक क्षेत्र में भूमि पर कब्जा करके खेती करने के आरोप लगे थे।
साईमा एवं लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की सुविधा होने पर औद्योगिक क्षेत्र विकसित होता है। औद्योगिक क्षेत्र में बिजली- पानी होने पर उद्यमी अपना उद्योग लगा सकता है, मगर यहां पर सुविधाओं का अभाव है। सुविधा के अभाव में आटा गांव में मिनी औद्योगिक क्षेत्र विकसित नहीं हो पाया है। कांधला के प्रमुख डाॅक्टर विनोद मलिक का कहना है कि कांधला- बुढ़ाना,खतौली मार्ग पर औद्योगिक क्षेत्र की भूमि पर अवैध कब्जा चल रहा है। भूमि में खड़े पेड़ों का अवैध तरीके से कटान किया जा चुका है। भूमि पर खेती की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस बाबत कई बार शिकायत की जा चुकी है, मगर सुनवाई नहीं की जा रही है।
- 45 औद्योगिक प्लाॅटों को ऑनलाइन नीलाम करने की योजना
जिला उद्योग केंद्र की उपायुक्त जैस्मीन फौजदार ने बताया कि कांधला-बुढ़ाना मार्ग पर औद्योगिक क्षेत्र के लिए आरक्षित दस बीघा भूमि में औद्योगिक 45 प्लाॅट आवंटित करने की योजना है। शिवरात्रि के बाद 45 औद्योगिक प्लाॅट को ऑनलाइन नीलाम करने की कार्रवाई की जाएगी।