शामली। चीनी मिलों पर गन्ने की मोटी रकम बकाया है, पर चीनी मिलों में पेराई सत्र बंद होने लगा है। अभी थानाभवन मिल में पेराई बंद हो गई, जबकि जल्दी ही ऊन शुगर मिल के भी बंद होने के आसार हैं।
थानाभवन चीनी मिल ने इस सत्र में 73 लाख 24 हजार कुंतल गन्ना खरीद किया। 22 नवंबर को इस चीनी मिल में पेराई सत्र शुरू हुआ। सोमवार को थानाभवन चीनी मिल ने पेराई बंद कर दी। इस मिल पर किसानों का 104 करोड़ 64 लाख 71 हजार रुपये गन्ना मूल्य का बकाया है। इसी तरह ऊन शुगर मिल में भी गन्ना पेराई अगले चार दिन के भीतर बंद होने की स्थिति बन रही है। गन्ना विभाग के मुताबिक ऊन शुगर मिल में दो दिसंबर को गन्ना पेराई शुरू हुई थी।
ऊन मिल पर करीब 64 करोड़ रुपये बकाया है। शामली चीनी मिल में 12 नवंबर पेराई सत्र शुरू हुआ था, जिस पर करीब 130 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है। तीनों चीनी मिलों पर इस सीजन का करीब 300 करोड़ रुपये बकाया हो गया है। गन्ना मूल्य भुगतान को लेकर आए दिन किसानों ने धरना प्रदर्शन भी किए, लेकिन थानाभवन चीनी मिल ने किसानों का बकाया भुगतान किए बगैर ही गन्ना पेराई बंद कर दी है।
खतौली मिल ने 49 करोड़ का भुगतान भेजा
शामली। जिले की सभी चीनी मिलें किसानों का बकाया गन्ने का भुगतान करने में फिसड्डी हैं, वहीं पड़ोसी जिले की खतौली चीनी मिल ने अपने सभी किसानों का 49 करोड़ तीन लाख रुपये का भुगतान सभी सहकारी गन्ना समितियों को चेक के माध्यम से भेज दिया है। जिनमें शामली जिले की सभी किसानों का 9 मार्च तक तीन करोड़ 25 लाख 51 हजार रुपये का बकाया गन्ने का भुगतान शामिल है।
जिले में शामली-थानाभवन और ऊन चीनी मिल किसानों का बकाया गन्ना भुगतान कराने में फिसड्ड़ी हैं। खतौली चीनी मिल जिले के किसानों का बकाया भुगतान कराने में आगे हैं।
खतौली चीनी मिल ने सभी गन्ना समितियों को किसानों का 49 करोड़ तीन लाख 42 हजार रुपये का गन्ना भुगतान चेक द्वारा भिजवा दिया गया है। जिसमें शामली जिले की सभी गन्ना समितियों का तीन करोड़ 25 लाख 51 हजार रुपये बकाया गन्ना भुगतान शामिल है।
खतौली चीनी मिल के गन्ना प्रबंधक विनेश कुमार ने बताया कि खतौली चीनी मिल नए सत्र का शामली जिले के 17 खरीद केंद्रों का सात लाख 87 हजार कुंतल गन्ने की पेराई कर चुका है। जिसमें 16 फरवरी से लेकर 9 मार्च तक तीन करोड़ 25 लाख 51 हजार रुपये की धनराशि का चेक शामली गन्ना समिति को भेजा गया है।