हरियाणा की तर्ज पर व्यापारियों को बाजार खोलने की अनुमति मिले
शामली। एक माह से जारी कोरोना कर्फ्यू से तंग आए जिले के व्यापारियों ने हरियाणा समेत दूसरे राज्यों की तरह एक जून से सप्ताह में पांच दिन प्रतिदिन आठ घंटे तक सभी ट्रेड खोलने की मांग कर रहे हैं। व्यापारियों का कहना है कि सरकार कोरोना कर्फ्यू सिर्फ शनिवार और रविवार को जारी रखे।
कोरोना संक्रमण खतरा बढ़ने से सरकार ने अप्रैल माह में पहले सप्ताह में शनिवार -रविवार, बाद में मई माह प्रारंभ होते ही नियमित कोरोना कर्फ्यू जारी रखने का निर्णय लिया। पिछले एक माह से जिले में कोरोना कर्फ्यू के दौरान सभी उद्योग धंघे और बाजार- दुकान बंद होने से 1800 करोड़ रुपये से लेकर दो हजार करोड रुपये तक का नुकसान हो चुका है। हालात यह है कि दैनिक कमाने वाले कामदार और मजदूरों के सामने रोजी रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
शामली जिले में प्रतिदिन 70-80 करोड़ रुपये का कारोबार होता था। कोरोना काल में घटकर सिर्फ दस से लेकर पंद्रह करोड़ रुपये सिमट गया था। अकेले मई माह में कोरोना काल में जिले के उद्योग धंधे और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहने से 1800 करोड़ रुपये से लेकर दो हजार करोड़ रुपये का आंकलन लगाया जा रहा है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल के प्रदेश अध्यक्ष घनश्याम दास गर्ग का कहना है कि 31मई के बाद जिले के व्यापारियों को सुबह आठ बजे से लेकर दो बजे और सुबह 9 बजे से लेकर शाम पांच बजे तक सभी ट्रेड खोलने की अनुमति दी जाए। उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के प्रदेश उपाध्यक्ष अंकित गोयल का कहना है कि हरियाणा में सभी ट्रेड सुबह आठ बजे से लेकर दोपहर 12 बजे खोलने की अनुमति दी जा रही है। शामली जिले में कोरोना केसों का ग्राफ गिरा है। कोरोना के ग्राफ गिरने से यहां के व्यापारियों को सरकार बाजार खोलने की छूट देकर बाजार खोलने की अनुमति दे।