बनत। उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत परिषद जूनियर इंजीनियर्स संगठन की जनपद शाखा के पदाधिकारियों ने बिजली वितरण कंपनियों के निजीकरण के विरोध में डीएम को कलक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में कहा गया कि 16 मार्च 2026 के आदेश के तहत वितरण कंपनियों के निजीकरण की प्रक्रिया शुरू की गई है, जिसका संगठन विरोध कर रहा है। संगठन ने अपनी 10 प्रमुख मांगें प्रशासन के समक्ष रखीं। ज्ञापन में मांग की गई कि निजीकरण की प्रक्रिया तत्काल रोकी जाए और 23 मार्च 2026 के पत्र के अनुसार लाइनमैनों को स्थायी किया जाए। मार्च 2023 के समझौते के तहत कर्मचारियों के खिलाफ की गई कार्रवाई निरस्त कर 3 दिसंबर 2022 का समझौता लागू किया जाए। अवर अभियंताओं के रिक्त पदों को भरने की भी मांग की।